शासनादेश के बाद से एलडीए नामांतरण के आवेदन ऑनलाइन ले रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि आवेदन के समय ही शुल्क की गणना ऑनलाइन पोर्टल कर देता है। अंतिम रजिस्ट्री में आंकी संपत्ति की कीमत का एक प्रतिशत शुल्क बता दिया जाता है।
ऐसे में अगर कोई आवेदन वर्ष 2010 (उदाहरण स्वरूप) में खरीदी संपत्ति का नामांतरण कराने आता है तो ऑनलाइन पोर्टल पर जमा कराया गया शुल्क कम होगा। वहीं, 2021 की दरों को आधार मानते हुए अंतर के नामांतरण शुल्क को जमा कराना होगा। ऐसे में फिर से ऑफलाइन गणना करानी होगी।
ऑनलाइन सिस्टम में भी हो बदलाव
आदेश के मुताबिक नामांतरण शुल्क का आकलन ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन के समय के डीएम सर्किल रेट के मुताबिक किया जाए। ऐसे में आवेदक को एलडीए में नामांतरण के समय दोबारा ऑफलाइन गणना और एक बार फिर शुल्क जमा कराने के झंझट से बचाया जा सकेगा।