आधार कार्ड बेस कैश सब्सिडी को स्थगित किए जाने के केंद्रीय मंत्रीमंडल के फैसले के बाद भी इसके क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार शाम तक ऊहापोह की स्थिति रही।
तेल कंपनियों से जुड़े आला अधिकारियों से लेकर डीबीटीएल योजना के क्रियान्वयन में जुटे प्रशासनिक अधिकारी इस बाबत चुप्पी साधे हुए थे।
उनका कहना था कि स्पष्ट तौर पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से कोई भी दिशा निर्देश जारी नहीं हुआ है। दूसरी तरफ गैस एजेंसियों पर बीते तीन चार दिनों से आधार कार्ड बनवाने के लिए लगने वाली उपभोक्ताओं की भीड़ खत्म हो जाने से शुक्रवार को सन्नाटा पसरा दिखा।
हालांकि कुछ गैस एजेंसियों पर सुबह दो घंटे तक कुछ उपभोक्ता बायोमीट्रिक फॉर्म जमा कराने पहुंचे लेकिन इसके बाद अखबारों में प्रकाशित डीबीटीएल योजना स्थगित किए जाने की खबर पढ़ने के बाद धीरे धीरे फॉर्म जमा कराने वाले उपभोक्ता भी वापस हो लिए।
वहीं तेल कंपनियों का कहना है कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की व्यवस्था सोमवार से की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारी भी शुक्रवार को डीबीटीएल योजना स्थगित हो जाने के बाद परोक्ष तौर पर अभियान बंद मानते हुए विभागीय काम काज में जुटे दिखे।
औपचारिक तौर पर जिला स्टेयरिंग कमेटी के नोडल अधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने बस इतना बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय से लिखित दिशा-निर्देश के बाद ही अभियान को बंद किए जाने पर अंतिम तौर से फैसला होगा।
इस बीच एजेंसियों पर बायोमीट्रिक फॉर्म जमा कराने वाले उपभोक्ताओं के फॉर्म जमा कर उन्हें बायोमीट्रिक फीडिंग के लिए नगर निगम के जोनल कार्यालयों में भिजवाया जाता रहेगा।
अपडेट होगा तेल कंपनियों का सॉफ्टवेयर सिस्टम
आईओसी के महाप्रबंधक व तीनों तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक यूपी सिंह ने देर शाम बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से अभी सिर्फ सब्सिडीयुक्त बढ़ाए गए सिलेंडरों के संबंध में ही दिशा निर्देश आया है।
इसके तहत तेल कंपनियां सोमवार से 31 मार्च को खत्म हो रहे वित्तीय वर्ष में वितरित किए जाने वाले दो सस्ती दर के सिलेंडरों की सॉफ्टवेयर सिस्टम में फीडिंग शुरू करेंगी। उन्होंने साफ किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में फरवरी व मार्च माह में बढ़े हुए तीन में से सिर्फ दो सिलेंडरों का वितरण ही उपभोक्ताओं को होगा।
एक अप्रैल से लागू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में साल के 12 सब्सिडी सिलेंडरों का कोटा हर एलपीजी कंज्यूमर को देने की व्यवस्था होगी।
उन्होंने डीबीटीएल योजना को स्थगित किए जाने के बाद सब्सिडीयुक्त सिलेंडरों के वितरण को लेकर नई व्यवस्था के संबंध में शुक्रवार शाम तक कोई भी निर्देश केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से न आने की बात कहते हुए उम्मीद जताई कि इस पर अब सोमवार तक ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी।
गैस उपभोक्ताओं को दो श्रेणी में बांटने की तैयारी
भारत पेट्रोलियम से जुड़े एक जिम्मेदार अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय डीबीटीएल योजना से जुड़ चुके आधारकार्ड धारी कस्टमरों की अलग श्रेणी बनाते हुए सब्सिडीयुक्त सिलेंडरों के वितरण की वर्तमान व्यवस्था को ही लागू कर सकता है।
इसके तहत आधार कार्ड संबद्ध खाते में ट्रांसफर होने वाली सिलेंडर सब्सिडी के कस्टमरों को सीटीसी का दर्जा देते हुए सीधे वितरण में सब्सिडी का फायदा उठाने वाले कस्टमरों को नॉन सीटीसी कस्टमर की श्रेणी में बांटते हुए घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था को संचालित कराने की योजना है।