लखनऊ। बीबीएयू में शुक्रवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति आरसी सोबती ने कहा, विकसित भारत के लिए आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक जगत को मजबूत बनाने पर जोर देना चाहिए। देश को वैश्विक स्तर पर निखारने का यह काम युवाओं से ही संभव है। युवाओं को अपनी अभिव्यक्ति का इस्तेमाल सही दिशा में करना चाहिए।
विधि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एसके. भटनागर ने कहा कि मूट कोर्ट कानून की पढ़ाई करने वाले छात्रों में वकालत के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने कानून के क्षेत्र में शोध का महत्व, शोध, तथ्य सामग्री, शिक्षा, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार के विषय में जानकारी दी।
प्रो. विपिन सोबती ने कहा, मूट कोर्ट विद्यार्थियों को भविष्य में अच्छा वकील बनने में मदद करता है। मूट कोर्ट के माध्यम से काल्पनिक मामलों पर बहस करके छात्रों को वास्तविक अदालत में पेश होने का अनुभव मिलता है। साथ ही अपनी क्षमताओं और कमियों का भी पता चलता है। प्रतिभागियों के लिए शोधकर्ता परीक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान प्रो. डीआर मोदी, प्रो. संजीव कुमार चड्ढा, डॉ. महेंद्र कुमार पाणी व अन्य शामिल रहे।