ईदगाह ऐशबाग में चांद देखने की कोशिश करते मौलाना। -संवाद
लखनऊ। राजधानी में रविवार को जिलहिज्जा (बकरीद) का चांद नहीं दिखाई दिया। सुन्नी और शिया धर्म गुरुओं ने चांद नहीं दिखाई देने की पुष्टि की। साथ ही ऐलान किया कि अब बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी।
सुन्नी धर्मगुरुओं की ओर से ऐशबाग स्थित मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल से रविवार को जिलहिज्जा (बकरीद) का चांद देखने का एहतिमाम किया गया। ऐशबाग स्थित इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया और फरंगी महल ईदगाह में शाम से ही उलेमा, कमेटी के सदस्य और अन्य लोग आसमान पर नजरें लगाए रहे। रात करीब 7:45 बजे तक चांद देखने की कोशिश की गई लेकिन चांद नजर नहीं आया।
इसके मरकजी चांद कमेटी के जनरल सेक्रेटरी नईमुर्रहमान सिद्दीकी और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद दिखाई न देने की पुष्टि की। दोनों उलमा ने बताया कि इस लिहाज से जिलहिज्जा की पहली तारीख 19 मई को होगी। ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी। इस मौके पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के ऑफिस सेक्रेटरी गुफरान अहमद समेत कई उलमा मौजूद रहे।
शिया चांद कमेटी ने भी की चांद नहीं दिखने की पुष्टि
लखनऊ। मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी ने बताया कि 17 मई को जिलहिज्जा (बकरीद) का चांद नहीं दिखाई दिया। इसके चलते 19 मई से जिलहिज्जा महीने की शुरुआत मानी जाएगी और बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि शहादत इमाम मोहम्मद बाकिर (अ.स.) 25 मई को, जबकि शहादत हजरत मुस्लिम बिन अकील (अ.स.) 27 मई को मनाई जाएगी। इसके अलावा ईद-ए-गदीर अकबर पांच जून तथा ईद मुबाहेला 11 जून 2026 को मनाया जाएगा।
ईदगाह ऐशबाग में चांद देखने की कोशिश करते मौलाना। -संवाद
ईदगाह ऐशबाग में चांद देखने की कोशिश करते मौलाना। -संवाद