ईद का चांद दिखने के साथ ही नमाज-ए-तरावीह का आखिरी दौर मंगलवार को मुकम्मल हो गया। रमजान का चांद दिखने के साथ ही मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की विशेष नमाज आज सम्पन्न हो गई। इसके अलावा रमजान के आखिरी अशरे में मस्जिद में ऐतिकाफ कर रहे लोग भी इफ्तार के बाद मस्जिद से बाहर आ गए।
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि ईद-उल-फितर अल्लाह की तरफ से अपने बन्दों को रमजान-उल-मुबारक की इबादत का ईनाम है। मौलाना ने ईद का त्योहार अमन और मोहब्बत के साथ मनाने की अपील की।
ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे सबसे बड़ी जमात से ईद की नमाज अदा होगी। यहां पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे ईद की नमाज मौलाना शाह फजलुल मन्नान रहमानी अदा कराएंगे।
मस्जिद में अगली सफ में जगह हासिल करने के लिए नमाजी सुबह फज्र की नमाज के बाद से ही ऐशबाग ईदगाह और टीले वाली मस्जिद में एकत्र होने शुरू हो जाएंगे। ऐशबाग ईदगाह में हजारों की संख्या में मुसलमान नमाज अदा करेंगे।
इसको देखते हुए ईदगाह सहित शहर की अन्य मस्जिदों में वुजू के लिए पानी का खास इंतिजाम किया गया है। वहीं शिया समुदाय की सबसे बड़ी जमात आसिफी इमामबाड़े में सुबह 11 बजे जुटेगी। यहां पर मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी ईद की नमाज अदा कराएंगे। उलमा ने असुविधा से बचने के लिये नमाजियों से अपने-अपने घरों से वुजू करके निकलने की अपील की है, इसके अलावा मुसल्ला (नमाज में बिछाने के लिये कपड़ा) साथ लाने को भी कहा गया है।