एक ओर तो जब समाजवादी सरकार बनी थी तब बसपा शासनकाल के स्मारकों और पार्कों के कर्मचारियों को गैर जरूरी मान कर निकालने या अन्य विभागों में समायोजित करने की तैयारी की जा रही थी, वहीं अब उनका वेतन प्रत्येक वर्ष तीन फीसदी बढ़ाने का ऐलान शासन ने कर दिया है।
इसके लिए बाकायदा शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इस वेतन बढ़ोतरी का लाभ 5300 कर्मचारियों को मिलेगा। प्रत्येक वर्ष लगभग 40 करोड़ रुपये का वेतन स्मारक कर्मियों को दिया जाता है। ऐसे में करीब सवा करोड़ रुपये सालाना की बजट बढ़ोतरी स्मारक संरक्षण समिति के मद में आवास विभाग को करनी पड़ेगी।
फिलहाल स्मारक कर्मियों में इस शासनादेश को लेकर खुशी तो है मगर वे चाहते हैं, इसको लागू करने के लिए जल्द शासन बजट का प्रावधान भी कर दे। उन्हीं कर्मचारियों की वेतन वृद्धि होगी, जिनकी संस्तुति समिति, सरकार से करेगी।