(ये आंकड़े यूपीपीसीबी के सात स्टेशनों के हैं जिनमें गोमतीनगर, अंसल एपीआई, तालकटोरा, सराय माली खां, अलीगंज, महानगर, नगर निगम कार्यालय लालबाग शामिल हैं।)
निदेशक आईआईटीआर डॉ. आलोक धवन का कहना है कि मुझे जब एयरपोर्ट या मेट्रो रूट पर दूसरी जगह जाना होता है। मैं मेट्रो का उपयोग करता हूं। सरकारी अफसर समेत शहर के प्रमुख लोग मेट्रो का उपयोग शुरू करेंगे तो बाकी नागरिकों में अच्छा संदेश जाएगा। लोग अपनी कार का उपयोग न्यूनतम करेंगे। इससे प्रदूषण और सड़कों पर जाम कम होगा।
विशेषज्ञ की सलाह कि सर्दियों की जगह पूरे साल एक्शन प्लान पर काम करना होगा।
अभी केवल सर्दियों के लिए ही एक्शन प्लान लागू है। मेट्रो के काम के पूरा होने से कुछ हालात सुधरे हैं। बड़े निर्माण भी अब कवर करके हो रहे हैं। बड़ी चुनौती वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। इससे भी हम निपट रहे हैं।
- डॉ. राम करन, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
प्रोत्साहन पर काम करना होगा
कार पूल कर अगर एक साथ चार लोग जा रहे हैं तो अमेरिका में उनके लिए अलग से लेन बनी होती है। उन्हें जाम में फंसने की जरूरत नहीं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बस के गुजरने के लिए अलग लेन कई देशों में देखने को मिलेगी। इस तरह के प्रोत्साहन हमें भी अपने यहां देने होंगे। नई कॉलोनियों में इस उपयोग के लिए डेडीकेटेड लेन अनिवार्य की जाए, जिससे भविष्य की जरूरत पूरी हो। निगरानी के लिए स्टेशन भी चार से बढ़ाकर कम से कम 50 किए जाएं। आईआईटीआर इनके संचालन की जिम्मेदारी उठा लेगा।
- डॉ. आलोक धवन, निदेशक, आईआईटीआर