जिला व शहर अध्यक्षों से कहा गया है कि वे छोटी-छोटी नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से अर्थव्यवस्था के मौजूदा आंकड़ों को लोगों के सामने रखें। स्कूल-कॉलेजों, व्यावसायिक डिग्री देने वाले शिक्षण संस्थानों और युवाओं के बीच इन बातों को जरूर ले जाएं।
क्योंकि इस खराब स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा छात्र-नौजवान ही भुगत रहे हैं। कांग्रेस के यूपी मीडिया प्रभारी राजीव त्यागी कहते हैं कि इन दिनों हम गांव-गांव जाकर लोगों को अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति से अवगत करा रहे हैं।
उन्हें बता रहे हैं कि 45 साल में रोजगार की सबसे खराब स्थिति है। यूपीए सरकार में जिस रफ्तार से अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही थी, जोकि अब रिवर्स गियर में आ गई है। मीडिया भी प्रमुखता से सच को सामने नहीं ला रहा है।