नगर निगम की भूमिगत पार्किंगों को चलाने के लिए आगे नहीं आए ठेकेदार, मासिक पार्किंग पास व्यवस्था चालू आहे
नगर निगम की भूमिगत पार्किंग में मासिक पास की व्यवस्था में अभी बदलाव नहीं होगा। इसका कारण इन पार्किंगों का ठेका लेने के लिए किसी भी ठेकेदार का आगे नहीं आना है। ठेका उठता तो नई व्यवस्था में मासिक पास की व्यवस्था समाप्त हो जाती।
अमीनाबाद झंडे वाला पार्क, लालाबाग में दयानिधान पार्क और झंडी पार्क में भूमिगत पार्किंग है। इनमें करीब डेढ़ हजार वाहन खड़े हो सकते हैं।
इन पार्किंग का संचालन निगम प्रशासन दस वर्षों से खुद कर रहा है। वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए मासिक पास की सुविधा है, लेकिन इसकी आड़ में लोगों ने पार्किंगों को गैराज बना दिया है।
इससे पार्किंगों की आधी जगह हमेशा भरी रहती है। एक महीने पहले नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने भूमिगत पार्किंगों की स्थिति और उनके संचालन पर होने वाले खर्च व आय को देखते हुए इन्हें ठेेके पर देने का आदेश दिया था।
यह भी कहा था कि ठेके पर दिए जाने के बाद मासिक पास की व्यवस्था निगम नहीं चलाएगा। मासिक पास होगा कि नहीं, यह ठेकेदार तय करेगा।
इसके बाद तीनों भूमिगत पार्किंगों के लिए ऑनलाइन टेंडर मांगे गए थे, पर एक भी टेंडर नहीं आया। ऐेसे में मासिक पास की व्यवस्था में फिलहाल बदलाव नहीं होगा।
65 पार्किंग के लिए निकले थे टेंडर, आए पांच
बीते माह नगर निगम ने तीन भूमिगत सहित 65 पार्किंग के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए थे, लेकिन महज पांच ठेेकों के लिए टेंडर आए। कोरोना संकट के कारण ज्यादातर ठेकों के लिए टेंडर नहीं आए। ऐसे में इस साल निगम को पार्किंग ठेकों से होने वाली एक करोड़ से अधिक रुपये की चोट लगेगी।
फिर से जारी किए जाएंगे टेंडर
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि अभी मासिक पास की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। फिर से टेंडर जारी किए जाएंगे। भूमिगत पार्किंगों को संचालन ठेेके पर कराया जाएगा।