सिसेंडी गांव में मंगलवार शाम गणपति विसर्जन के दौरान सई नदी में नहाने उतरे तीन दोस्त डूब गए। हादसे के बाद विसर्जन करने आए लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। बाद में एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। देर रात तक तीनों युवकों का पता नहीं चल सका था।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे सिसेंडी गांव के लोग जबरेला पुल के पास गणपति प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान हरी प्रसाद (35) और धीरज (21) गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को बचाने के लिए उनके दोस्त प्रमोद (25) नदी में उतर गए लेकिन वह भी डूब गए। तीनों को डूबता देख लोगों ने शोर मचाया। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। सूचना पर मोहनलालगंज पुलिस पहुंची और गोताखोरों को नदी में उतारा। एडीसीपी दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
साथ करते थे पेंटिंग का काम
हरी प्रसाद, धीरज और प्रमोद साथ में पेंटिंग का काम करते थे और मंगलवार को गणपति शोभायात्रा में भी साथ आए थे। हादसे की सूचना मिलते ही तीनों के परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। प्रमोद के परिवार में पिता हरिशंकर, मां रानी और तीन भाई बिनोद, मनोज व विजय हैं। धीरज के परिवार में पत्नी अनीता, मां दीपा और पिता रामनरेश हैं। हरी प्रसाद के परिवार में पत्नी श्यामावती, बेटा निहाल और बेटी निहारिका हैं।
पहले दो युवकों के डूबने का पता चला
इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि शुरुआत में पुलिस को दो युवकों के डूबने की सूचना मिली थी। बाद में पता चला कि उन्हें बचाने के प्रयास में प्रमोद भी नदी में उतर गए थे और वह भी डूब गए।