मोहनलालगंज कांड में घटनास्थल के वीभत्स दृश्यों की फोटो खींचकर व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड करने वाले पांच लोगों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है।
इसमें एक बड़े अखबार के स्थानीय पत्रकार के साथ ही कुछ पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं।
चूंकि, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद इस मामले को लेकर गंभीर हैं, इसलिए पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
इस तरह का पहला मामला
एसएसपी प्रवीण कुमार ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। व्हाट्सएप पर फोटो खींचकर फॉरवर्ड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का यह देश में पहला मामला है।
एसएसपी ने कहा कि इस सनसनीखेज वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंचे कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से महिला के निर्वस्त्र शव की फोटो खींचकर व्हाट्सएप पर फॉरवर्ड की थी।
व्हाट्सएप के सर्वर से जानकारियां जुटाकर ऐसे पांच लोगों का चिह्नित कर लिया गया है। फिलहाल इनके नाम पुलिस ने नहीं खोले हैं।
होगी गिरफ्तारी
पुलिस इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।
मोहनलालगंज के बलसिंहखेड़ा गांव के प्राइमरी स्कूल में गुरुवार सुबह मिली निर्वस्त्र महिला के खून से लथपथ शव की फोटो फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये देश-विदेश में देखी गई थीं।
सूचना पाकर पहुंचे मोहनलालगंज कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर कमरुद्दीन खां भी शव ढंकने के बजाय फोटो खींचने में जुट गए थे।
मुख्यमंत्री ने दिये आदेश
सीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीएम ने एसएसपी को ऐसे व्यक्तियों की हर हाल में गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि रेप की शिकार युवती के निर्वस्त्र फोटो खींचे जाने से पुलिस अफसरों और मीडियाकर्मियों की निंदा हो रही है।
यह भी कहा जा रहा है कि सबसे पहले फोटो पुलिसकर्मी ने ही खींचे। जिस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।