गर्भवती महिला को ससुराल के लोगों ने निजी अस्पताल मे भर्ती कराया जहां महिला ने बेटे को जन्म दिया। बेटे को पिता अपने साथ ले गया और पत्नी को उसके हाल पर अस्पताल में अकेले छोड़ दिया जिससे महिला को सदमा लगा। सदमे से बदहवास अकेली महिला को अस्पताल में सही इलाज भी नहीं मिला और उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई ने ससुराल के लोगों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अहमदखेडा गांव के रामस्वरूप ने अपनी बेटी बेबी (28) का विवाह दो वर्ष पूर्व अतरौली के सौरभ से किया था। 10 जून को प्रसव पीड़ा होने पर प्रसूता को ससुराल के लोगों ने एक निजी अस्पताल मे भर्ती कराया था। जहां पर महिला ने बेटे को जन्म दिया।
मृतका के भाई दीपक ने बताया कि बेटे को पिता सौरभ अपने साथ घर ले आया और उसकी बहन को अस्पताल में अकेले छोड़ दिया और इसकी सूचना मायके के लोगों को नहीं दी। अचानक अपने बेटे को अपने साथ न पाकर बेबी बदहवास हो गई जिसे संभालने वाला कोई नहीं था। अस्पताल के लोगों को अपने पैसे की चिन्ता थी जिसके कारण अस्पताल के लोगों ने इलाज नहीं किया।
सदमे से बदहवास इलाज न मिलने के कारण महिला की मौत मंगलवार को हो गई। मौत की सूचना पाकर मायके के लोग अस्पताल पहुंचे और शव को अहमदखेड़ा उठा लाए। मृतका के भाई की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी राधा रमण सिंह के मुताबिक प्रसूता की मौत के मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।