'वैसे तो टीम इंडिया टी-२० मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर रही है और श्रीलंका के खिलाफ एक हार से निराश नहीं होना चाहिए। टीम संतुलित है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम एकदिनी में शानदार शतक जमाने वाले मनीष पांडेय को टी-२० टीम में जगह मिलनी चाहिए।
प्रदर्शन की बात की जाए, तो टी-20 वर्ल्ड कप में भारत खिताब जीत सकता है। यह कहना है पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन का, जो बुधवार से केडी सिंह बाबू स्टेडियम में शुरू हुई राष्ट्रीय दृष्टिबाधित क्रिकेट प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि आए हुए थे।
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाबू स्टेडियम में हमने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में जीत दर्ज की थी। यहां आते ही उस वक्त की यादें ताजा हो गई। हालांकि स्टेडियम आज भी वैसा का वैसा है।
धोनी ने जल्दबाजी में क्रिकेट को अलविदा कहा
अगर यहां थोड़ी सुधार किया जाए तो स्टेडियम में फिर से अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले जा सकते हैं। टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट को जल्दीबाजी में लिया हुआ फैसला बताते हुए अजहर ने कहा कि यह उनका निजी मामला है, लेकिन जहां तक मुझे लगता है कि आज भी वह टेस्ट क्रिकेट के लिए बेहतर खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहना उनका फैसला जल्दबाजी में लिया गया लगता है।
अजहर की झलक पाने को बेकरार
बाबू स्टेडियम में अजहरुद्दीन की झलक पाने के लिए लोग बेकरार दिखाई दिए। खासतौर पर दृष्टिबाधित खिलाडिय़ों का उत्साह देखते ही बनता था।
कोई उनसे ऑटोग्राफ मांग रहा तो किसी ने उनके साथ सेल्फी करवाई। पूर्व कप्तान ने भी किसी को निराश नहीं किया। देखते ही देखते उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए लोगों की लाइन लग गई।
आंख पर पट्टी बांधकर की बल्लेबाजी
पिच पर मुकाबले का शुभारंभ करने आए अजहर ने पहले आंख कर बंद एक बॉल हिट की। फिर इसके बाद उनकी आंख पर ब्लैक कलर की पट्टी बांधी गई।
दो-तीन गेंद छोडऩे के बाद उन्होंने गेंद को मुश्किलों के बाद स्वीप खेली। बाद में उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं बॉल को हिट कर पाऊंगा। आवाज सुनकर बॉल को मारना कठिन है।
अब यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि दृष्टिबाधित क्रिकेट में हिस्सा लेने वाले क्रिकेटर कितनी मेहनत करते हैं। उनके लिए यह बेहद चैलेंजिंग हैं।
मैं ऐसे खिलाडिय़ो के जज्बे को सलाम करता हूं, जो क्रिकेट में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।