भले ही राजनाथ और मोदी से मुरली मनोहर जोशी की नाराजगी उनके बयानों में साफ जाहिर हो रही हो, लेकिन मोदी ने उनका प्रचार करने का फैसला किया है।
भाजपा नेताओं के मुताबिक, पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी वारणसी से मौजूदा सांसद मुरली मनोहर जोशी के लिए 18 अप्रैल को कानपुर जाकर प्रचार करेंगे।
दिलचस्प बात तो यह है कि अभी कुछ ही दिन पहले जोशी ने मोदी की लहर को सिरे से नकारकर सियासी माहौल गर्म कर दिया था।
उनके इस बयान पर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लखनऊ में सफाई देनी पड़ी थी। ऐसे में मोदी का जोशी के लिए प्रचार करने का फैसला चौंकाने वाला है।
जोशी के पहले स्टार प्रचारक बने मोदी
जोशी ने पिछले दिनों एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा था कि देश में मोदी की कोई लहर नहीं है, बल्कि भाजपा की है।
जोशी ने यह भी कहा था कि मोदी जिस गुजरात मॉडल का प्रचार कर रहे हैं, वह हर राज्य पर लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि वह किसी राज्य के लिए ऐसे मॉडल के पक्षधर नहीं हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक इसके बावजूद मोदी ही भाजपा के स्टार कैंपेनर होंगे, जो जोशी के लिए कानपुर में जाकर प्रचार करेगा।
गौरतलब है कि कानपुर में 30 अप्रैल को मतदान होना है और पार्टी की ओर से जोशी के समर्थन में कोई बड़ा प्रचार कार्यक्रम नहीं देखने को मिला है। जबकि, वह जोशी की सीट ही नहीं रही है।
गुजरात की टीम कर गई पड़ताल
पार्टी के नेताओं की मानें तो गुजरात सरकार ने एक डीआईजी समेत पुलिस अफसरों की टीम मंगलवार को कानपुर भेजी थी, जिसने हंसपुरम के उस मैदान की जांच की है जहां मोदी जनसभा करने वाले हैं।
पार्टी नेताओं ने यह भी बताया कि गुजरात की पुलिस टीम ने वहां मोदी की जनसभा को हरी झंडी भी दिखा दी है। इसके साथ ही मोदी के हैलीपैड का भी निरीक्षण कर उसे भी स्वीकृति दे दी है।
हालांकि, इस बाबत अभी जिला प्रशासन की अनुमति मिलना बाकी है। उसके बाद ही मोदी की इस जनसभा पर अंतिम मुहर लगेगी।
कानपुर क्षेत्र के अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र ने बताया कि करीब डेढ़ लाख लोग मोदी को सुनने के लिए इस जनसभा में पहुंचेंगे।
रोक दीं शॉटगन की जनसभाएं
मोदी और जोशी के बीच चल रही सियासी गहमागहमी को शांत करने के लिए पार्टी ने आनन फानन में मोदी की रैली कानपुर में करने का फैसला किया।
इसकी पुष्टि भी हो गई, जब पता चला कि पहले 18 अप्रैल को कानपुर में ही शत्रुघन सिन्हा की दो जनसभाएं होनी थीं।
मोदी की जनसभा का कार्यक्रम फाइनल हुआ, तो शॉटगन की जनसभाओं को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। अब कुछ नेता यह भी सोच रहे हैं कि कहीं शॉटगन नाराज न हो जाएं।