31 मार्च से शुरू होने वाले नए संवत्सर में सहालगों का पहला दौर मंगलवार से ही शुरू हो गया, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार 16 अप्रैल से अच्छी लग्नों का दौर जारी होगा, जो कि 7 जुलाई तक लगातार चलेगा।
आचार्य प्रदीप ने बताया कि नव हिंदू संवत्सर ‘प्लवंग’ में इस बार 98 लग्नें मिल रही हैं। ये पिछले कुछ सालों में मिली लग्नों में सबसे ज्यादा हैं। अक्सर इतनी सारी लग्नें एक संवत्सर में मिलती नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि 14 मार्च को मीन राशि पर सूर्य की संक्रांति के चलते सहालगें मिलनी बंद हो गई थी।
14 अप्रैल को मेष की संक्रांति होने के बाद 15 अप्रैल से सहालगों का दौर शुरू हो गया जो काफी लंबा चलेगा।
इस वर्ष की लग्नें
अप्रैल माह में-- 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 26, 27 और 28 अप्रैल।
मई माह में-- 1, 2, 3, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 29 और 30 मई।
जून माह में-- 4, 5, 6, 7, 9, 10, 11, 12, 14, 15, 20, 21, 24, 25 और 26 जून।
जुलाई माह में--1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 जुलाई।
नवंबर माह में-- 26 और 30 नवंबर।
दिसंबर माह में--1, 6, 7, 12, 15 और 16 दिसंबर।
पांच महीने से ज्यादा सोयेंगे देवता
8 जुलाई को हरिशयनी एकादशी पर देवता सो जायेंगे। हरिशयनी एकादशी के साथ ही चौमासा शुरू हो जाएगा।
3 नवंबर को लगभग चार महीने बाद देवता देवोत्थानी एकादशी पर जागेंगे, लेकिन तब शुक्रास्त के चलते लग्नें नहीं मिलेंगे। 2 अक्टूबर से अस्त चल रहे शुक्र 23 नवंबर को उदय होंगे उसके बाद 26 नवंबर से सहालगें मिलनी शुरू हो जाएगंगी।
इस बीच 16 दिसंबर के बाद धनु राशि पर सूर्य चले जाने के कारण खरमास शुरू हो जाएगा, जिस पर विवाह रुक जाएंगे। जनवरी 2015 में खरमास समाप्त होने के बाद 15 जनवरी से फिर से लग्नें मिलेंगी।