एक तरफ देशभर में मोदी की लहर पर घमासान चल रहा है, तो दूसरी तरफ लखनऊ में 24 दिसंबर को प्रस्तावित मोदी की रैली स्थगित कर दी गई है।
यह रैली अब लोकसभा के चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित किए जाने की संभावना है।
फिलहाल रैली की आयोजक भाजपा की महानगर इकाई की ओर से इस बाबत कोई कारण नहीं बताया गया है।
वहीं वाराणसी, गोरखपुर और बरेली में प्रस्तावित रैली के आयोजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पहले 24 दिसंबर को लखनऊ में नरेंद्र मोदी की रैली आयोजित किए जाने की घोषणा की गई थी।
इसके लिए रमाबाई रैली स्थल की बुकिंग का आवेदन भी स्मारक संरक्षण समिति के समक्ष किया गया था। भाजपा इस रैली को अब तक की सबसे बड़ी रैली बनाने का दावा कर रही थी।
भाजपा महानगर इकाई के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने बताया कि नरेंद्र भाई मोदी की रैली अभी नहीं होगी। हमारी योजना है कि रैली फरवरी मध्य के बाद कराई जाए।
चुनाव प्रचार में रैली होगी अहम
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता फरवरी तक लागू किए जाने की संभावना है। इसलिए मोदी की लखनऊ रैली को अतिमहत्वपूर्ण मानते हुए उसे चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित करने का फैसला किया गया है।
दिसंबर में हुई रैली का असर चुनाव प्रचार के दौरान अधिक नहीं रहेगा। इसलिए यह रैली स्थगित कर दी गई है।
अभी तो रन फॉर यूनिटी पर ध्यान
भाजपा महानगर इकाई का पूरा ध्यान इस समय नरेंद्र मोदी प्रेरित अभियान रन फॉर यूनिटी पर है। यह बात दीगर है कि भाजपा इस अभियान से औपचारिक तौर पर जुड़ी नहीं है।
रन फॉर यूनिटी का आयोजन गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित करने के लिए किया जा रहा है।
राजधानी में 15 दिसंबर को जीपीओ स्थित पटेल प्रतिमा स्थल से शहीद स्मारक तक लोग दौड़ेंगे।