सूबे में बिजली की स्मार्ट मीटरिंग पर फोकस किया जाएगा। साथ ही, ग्रामीणों क्षेत्रों में कृषि और घरेलू फीडर अलग किए जाएंगे। सोमवार को केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री पीयूष गोयल ने इस पर खास जोर दिया।
वे नई दिल्ली में यूपी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, प्रमुख सचिव संजय अग्रवाल और केंद्रीय बिजली एजेंसियों के आला अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान वर्ष 2019 तक हर घर को 24 घंटे बिजली मुहैया कराने का खाका भी तैयार किया गया।
उन्होंने कहा, सूबे में बिजली कनेक्शन देने में जातीय या धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। गोयल ने अधिकारियों को अगले दो वर्ष में सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने प्रदेश के अधिकारियों से बिजली व्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी ली। साथ ही, बिजली उत्पादन की लागत में कमी लाने पर भी जोर दिया ताकि लोगों को सस्ती बिजली मिल सके।
उन्होंने जमीनी स्तर पर विद्युतीकरण का काम भी तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। तो भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए फील्ड के अफसरों की भी सघन निगरानी के निर्देश दिए गए।
बिजली राज्यमंत्री ने औद्योगिक फीडरों की सघन निगरानी के निर्देश दिए हैं। कहा, हर औद्योगिक फीडर के लिए एक अफसर को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जो संबंधित फीडर पर बिजली की खपत, बिलिंग, राजस्व वसूली और कटौतीमुक्त आपूर्ति सुनिश्चित कराए।