केंद्र सरकार की ‘स्मार्ट सिटी’ योजना के जवाब में यूपी सरकार जल्द ही ‘मॉडल सिटीज’ योजना लॉन्च करने जा रही है। ये मॉडल सिटीज आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इनमें वाई-फाई की सुविधा होगी तो चौड़ी सड़कों, अलग साइकिल ट्रैक समेत बेहतर ट्रांसपोर्ट इनकी पहचान बनेगी। किन-किन शहरों को ‘मॉडल सिटीज’ में शामिल किया जाएगा, इसका अधिकार मुख्यमंत्री के पास होगा।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। इसकी मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है। सीएम की हरी झंडी के बाद योजना लॉन्च कराने की तैयारी है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत यूपी के 13 शहरों को चुना है। हालांकि राज्य सरकार चाहती है कि सूबे के अधिक से अधिक शहर स्मार्ट बनें। इसलिए ‘मॉडल सिटीज’ योजना लाई जा रही है। मॉडल सिटीज के लिए विकास प्राधिकरणों के माध्यम से आवास विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे सूबे के प्रमुख शहर
सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर वाई-फाई सुविधा। स्ट्रीट लाइट। सार्वजनिक स्थलों पर वाशरूम, शौचालय, बैठने व पेयजल के इंतजाम होंगे। सुरक्षा के बेहतर इंतजाम के साथ पुलिस चौकियों और थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की व्यवस्था होगी।
पर्यावरण सुधार के लिए खाली पड़ी जमीनों को पार्क बनाएंगे। ग्रीन बेल्ट विकसित होंगे। सड़कों के किनारे पेड़ और फूल के पौधे लगाए जाएंगे। वॉटरबॉडी विकसित करने के साथ ही तालाबों का सौंदर्यीकरण।
बेहतर यातायात। अतिक्रमण रहित चौड़ी और अच्छी सड़कें। पैदल चलने वालों के लिए फुट ओवर ब्रिज के साथ अंडरपास। अलग से साइकिल ट्रैक। मुख्य चौराहों का सौंदर्यीकरण। ट्रैफिक लाइट की बेहतर व्यवस्था। महत्वपूर्ण स्थानों के पास बस स्टॉप।
पढ़ाई के साथ इलाज की बेहतर व्यवस्था। नर्सरी, प्राइमरी के साथ अन्य शिक्षा के लिए जरूरी इंतजाम। इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व डिस्पेंसरी को सक्रिय किया जाएगा।
मॉडल सिटीज में होगी ये सभी सुविधाएं
वेंडिंग जोन चिह्नित करते हुए दुकानदारों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। बेहतर पार्किंग व पार्क बनेंगे। निशक्तों के लिए अलग पार्किंग व रैंप की व्यवस्था। जरूरत के आधार पर बस कनेक्टिविटी की सुविधा। सड़कों पर पार्किंग की अनुमति नहीं मिलेगी।
सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। ढकी नालियां। नाले, नालियों की सफाई, विद्युत आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड तार बिछाए जाएंगे। कूड़े डस्टबिन में डाले जाएंगे, शहर से बाहर निस्तारित किए जाएंगे।
ऐतिहासिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। सामाजिक, सांस्कृतिक व पर्यटन वाले स्थलों का सौंदर्यीकरण के साथ बेहतर सफाई की व्यवस्था। स्थानीय कला व संस्कृति के संरक्षण के साथ प्रोत्साहन जैसे कांच उद्योग, कार्पेट, हैंडलूम व इत्र उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इन विभागों की होगी अहम भूमिका
विकास प्राधिकरण, आवास विकास परिषद, जिला प्रशासन, स्थानीय निकाय, लोकनिर्माण विभाग, पावर कॉर्पोरेशन, गृह विभाग, पर्यटन विभाग, यूपीएसआरटीसी, चिकित्सा व शिक्षा विभाग।
निगरानी के लिए होगी समिति
मॉडल सिटीज के लिए मंडल व राज्यस्तर पर निगरानी समितियां बनेंगी। मंडल में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति होगी। मुख्य नगर नियोजक इसका सदस्य संयोजक होगा तथा 11 विभाग के अधिकारी इसमें सदस्य होंगे। राज्यस्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति होगी। इसमें विभागों के प्रमुख सचिव बतौर सदस्य होंगे।