सूबे के व्यापारियों को टर्नओवर के टैक्स, सर्वे के असेसमेंट व रिटर्न जैसी जानकारियों के लिए अब वाणिज्य कर विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्हें ये जानकारियां विभाग के मोबाइल एप से हासिल हो जाएंगी। यही नहीं, इस एप में व्यापारी की प्रोफाइल टैक्स पासबुक के रूप में अपलोड होगी।
यह सुविधा अगले हफ्ते शुरू होने की उम्मीद है। वाणिज्य कर विभाग दो मोबाइल एप तैयार करवा रहा है। एक एप में व्यापारी की प्रोफाइल, पंजीयन व विभागीय कार्रवाई तो दूसरे में अपील (सर्वे व छापे के बाद हुए असेसमेंट पर दायर याचिका) की कार्रवाई और कमिश्नर समेत अन्य अफसरों को फीडबैक भेजने की सुविधा होगी।
पहले मोबाइल एप को अगले हफ्ते लॉन्च किया जा सकता है। मौजूदा समय में इस एप से सूबे में कुल पंजीकृत 7.25 लाख व्यापारियों में से लगभग 4.50 लाख व्यापारियों को जोड़ा जा रहा है। शेष व्यापारियों को बाद में जोड़ा जाएगा।
एप के जरिए आसानी से कर सकेंगे काम
डेमो
वाणिज्य कर विभाग का एक एप तैयार हो चुका है और दूसरे का ट्रायल चल रहा है। इस पर लॉगिन करने के लिए व्यापारियों को अपने टैक्स पेयर आईडेंटिफिकेशन नंबर (टिन) का इस्तेमाल करना होगा। बाद में दोनों मोबाइल एप को आपस में लिंक कर दिया जाएगा।
व्यापारी का प्रोफाइल, पंजीयन, रिटर्न का ब्यौरा, टैक्स की देनदारी, सर्वे का असेसमेंट, विभागीय नोटिस, कमिश्नर को फीडबैक, नई अधिसूचना सुविधाएं एप पर मिलेंगी
मोबाइल एप के चालू होने से अर्दली व अमीन की ऊपरी कमाई बंद हो जाएगी। मौजूदा समय में अदर्ली व अमीन व्यापारियों को जारी होने वाले नोटिस अपने पास दबाकर रख लेते हैं। इससे व्यापारियों को काफी दिक्कतें होती हैं। पर, एप के शुरू होने के बाद व्यापारी खुद ही नोटिस का प्रिंट निकाल सकेंगे।
वाणिज्य कर आयुक्त मुकेश कुमार मेश्राम का कहना है मोबाइल एप के चालू होने के बाद व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। व्यापारी एप के जरिये आसानी से कार्य कर सकें, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा।