संजय गांधी पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष पद से लगभग दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए प्रो. एमएम गोडबोले को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने पडरौना निवासियों के मंदबुद्धि होने का कारण खोजा है।
उनके कारण ही पूर्वांचल में खड़े नमक की बिक्री को प्रतिबंधित और वहां के निवासियों को आयोडीन नमक खाने के लिए जागरूक किया गया। मौजूदा समय में गोडबोले पीजीआई के मॉलिक्युलर मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के निवासी प्रो. गोडबोले की शिक्षा-दीक्षा ग्वालियर में हुई। उन्होंने वर्ष 1980 में एम्स दिल्ली से पीएचडी की और कुछ साल वहां सीनियर रिसर्च ऑफिसर के रूप में काम किया। इसी दौरान उन्हें हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में 60-70 के दशक में आयोडीन की कमी पर किए गए शोध की जानकारी हुई। बाद में वरिष्ठों के दिशा-निर्देशन पर उन्होंने यहां पडरौना को इसी शोध के लिए चुना।