विधानसभा अध्यक्ष ने दलीय नेताओं के साथ मानसून सत्र को लेकर चर्चा की।
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विधानसभा के 20 अगस्त से प्रस्तावित मानसून सत्र में विधायकों को विधानसभा मंडप के भूतल के साथ ही पहली मंजिल और दर्शक दीर्घा में भी बैठाया जाएगा। सभी प्रवेश द्वारों पर सैनिटाइजेशन व थर्मल स्कैनिंग होगी। सत्र के दौरान पूर्व सांसद, पूर्व विधायक समेत सभी के पास निरस्त रहेंगे।
ये निर्णय विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित द्वारा बुलाई गई दलीय नेताओं की बैठक में किया गया। इसमें संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, सपा की ओर से राकेश प्रताप सिंह, बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा मौजूद रहे। दीक्षित ने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में प्रदेश में विधानमंडल का सत्र आहूत किया गया है।
इससे पहले मध्य प्रदेश के अलावा अन्य किसी राज्य में कोरोना महामारी के दौरान सत्र नहीं बुलाया गया। यूपी इस संबंध में मानक निर्धारित करेगा। बैठक में सदन में सभी दलों के सदस्यों द्वारा भौतिक दूरी बनाए रहते हुए भूतल व प्रथम तल पर बैठने और दर्शक दीर्घा का भी प्रयोग सदस्यों के लिए किए जाने पर विचार किया गया। सदन में प्रवेश के लिए ‘हॉ’ (सत्तापक्ष) और ‘न’ (विपक्ष) लॉबी के द्वार भी खोले जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच संवैधानिक बाध्यता के कारण संचालित किए जाने वाले इस सत्र में सभी प्रोटोकॅाल का गंभीरता से अनुपालन किया जाए। अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से सहयोग की अपेक्षा की। विपक्षी दलों के नेताओं ने विषम परिस्थितियों में सदन संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं कोरोना को ध्यान में रखते हुए कैफेटेरिया को संचालित नहीं किया जाएगा।