दिन भर हंगामे के बाद भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिलकर अपनी पीड़ा बयां की।
मुख्यमंत्री के कालिदास मार्ग स्थित आवास पर हुई मुलाकात में नंद किशोर ने भाजपा के दो-तीन स्थानीय नेताओं व एक पुलिस अधिकारी पर साजिश का आरोप लगाया। कहा कि यदि उन्हें बोलने का मौका दे दिया गया होता मामला इतना नहीं बढ़ता।
डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना और गन्ना मंत्री सुरेश राणा के साथ मुख्यमंत्री आवास पर नंद किशोर के साथ गाजियाबाद जिले के दो और विधायक थे। नंद किशोर ने सरकार व भाजपा संगठन के मुखिया को 27 नवंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
बताया कि एसपी देहात के कहने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पार्टी के जिलाध्यक्ष व चेयरमैन के पति पर भी साजिश में शामिल रहने का आरोप लगाया। कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उनसे अमर्यादित व्यवहार किया।
खाद्य रसद विभाग के पूर्व मंत्री पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई। पार्टी व सरकार उनकी पीड़ा सुन सकती थी। जांच कराकर कार्रवाई कर सकती थी।
सरकार व संगठन ने सुनी नहीं
गुर्जर ने कहा कि सरकार और संगठन में उनकी बात सुनी नहीं और सदन में भी उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। पुलिस ने उनके ऊपर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं।
उन्हीं को सही मान लिया गया है। जिस खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, उसकी शिकायत लोनी के तमाम व्यापारियों ने की है। उनका वीडियो भी वायरल हो चुका है। मुख्यमंत्री ने विधायक की बात को गंभीरता से सुना।
पूरे प्रकरण की जानकारी दी
इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना व सुरेश राणा ने मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। बताया कि किस तरह इस मामले में विपक्षी दलों को राजनीति करने और सरकार की छवि खराब करने का मौका दिया गया। बताया कि विधायक की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था।