विधायक ने कहा कि एक गांव में 100 लोगों के घर हों और पांच लोग पूड़ी खीर खाएं और 95 लोग भूखे मरे। यह कहीं का समाजवाद नहीं है। समाजवाद तो वह है जिसमें सभी सौ घर का विकास करें। सपा की विचारधारा सभी को समान लेकर चलने की थी लेकिन जाति विशेष के नाम पर जो हो रहा है। वह सही नहीं है। समाज को तोड़ने से रोकना होगा। जाति को जाति से लड़ाकर तोड़ने वालों को रोकना होगा। कहा कि जो लोग आरोप लगाते हैं वह अपनी अंतरात्मा को सुने। मैंने अपनी अंतरात्मा पर पहला निर्णय लिया था। अब अगला निर्णय ईश्वर पर छोड़ रहा हूं।
ऊंचाहार के लिए काम करता रहूंगा
विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने उप चुनाव और विधायक पद से इस्तीफे की अटकलों पर भी विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि वह ऊंचाहार की जनता के लिए काम करते रहेंगे। जो काम छूट गए हैं वह होंगे। वह कभी पद के लिए राजनीति नहीं करते है। कई बार मौके आए लेकिन उन्होंने पद को ठुकरा दिया। अभी लक्ष्य केवल ऊंचाहार का विकास करना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना है।