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सरकारी अनुदान के लालच में दोबारा कराए फेरे, शिकायत के बाद सामने आया खेल

Thu, 21 Nov 2019 01:20 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ के मलिहाबाद में हिंदू धर्म में शादी जैसे पवित्र बंधन को सात जन्मों के रिश्ते का दर्जा दिया जाता है। मगर कुछ लोग चंद रुपयों के लालच में इस पवित्र बंधन का मखौल उड़ाने से बाज नहीं आ रहे है। दरअसल प्रदेश सरकार गरीब निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चला रही है।
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जिसके तहत तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों पर सामूहिक शादियों के आयोजन हो रहे हैं। जिमेदारों की अनदेखी के चलते इस महत्वाकांक्षी योजना का दुरुपयोग होना शुरू हो गया है। ब्लॉक मुख्यालय पर मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में एक ऐसा ही मामला सामने आया है।

आरोप है शादी के आठ महीने बाद एक जोड़े ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दोबारा फेरे लिए। यह शादी गांव की आशा बहू ने सरकार से मिलने वाले 35 हजार रुपयों में हिस्सेदारी तय कर कराई है। बिरहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती निवासी भाजपा के बूथ अध्यक्ष आदित्य सिंह ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई कि गांव की आशा बहू ने रुपयों के लालच में दो शादीशुदा लड़कियों की 14 नवंबर को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में दोबारा फेरे डलवाए।
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आशा बहू ने साठगांठ कर कराया विवाह

प्रतीकात्मक तस्वीर
डीएम अभिषेक प्रकाश को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप है कि गांव के पुतान की बेटी सोनी का विवाह 18 अप्रैल 2019 को उन्नाव में औरास थानाक्षेत्र के कुरसठ निवासी अंकित के साथ हुआ था। इस विवाह समारोह में तमाम रिश्तेदार एवं ग्रामीण शामिल हुए थे।

गांव की आशा बहू ने साठगांठ कर 14 नवंबर को ब्लॉक मुख्यालय पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में इस जोडे़ का दोबारा विवाह कराया। इसी गांव की एक अन्य विवाहिता की शादी भी दोबारा कराई गई। आदित्य सिंह ने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाई की मांग उठाई है। बीडीओ संजीव गुप्ता से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

 
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