मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाये जाने वाले ‘मिशन रोजगार अभियान’ में मार्च तक प्रदेश के 50 लाख युवकों को बेरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में बुधवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अभियान की कार्ययोजना पर चर्चा की गई, जिसमें श्रम विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रजेंटेशन को दिखाया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल ने प्रस्तावित अभियान की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अलावा बैठक में अभियान के जरिए इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 50 लाख युवाओं को रोजगार देने और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही विभिन्न विभागों से रोजगार से संबंधित डाटा एकत्र करने की योजना पर भी चर्चा की गई। उन्होंने प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय को रोजगार से जुड़े सभी डेटा को सुरक्षित व अपडेट रखने के लिए एप एवं पोर्टल विकसित करने का भी निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने सभी निदेशालय, निगम, बोर्ड व आयोगों को भी रोजगार से संबंधित डेटा अपडेट कराने के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर प्रस्तावित ‘मिशन रोजगार’ अभियान की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक रोजगार व स्वरोजगार के 50 लाख अवसर सृजित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें नियमित नियुक्तियों के अलावा आउटसोर्सिंग व निजी क्षेत्र में होने वाली नियुक्तियों और कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से मिलने वाले रोजगार व स्वरोजगार शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इसे पूरा करने के लिए सभी विभाग और जिला स्तर डीएम ‘रोजगार प्लान’ तैयार कराएंगे। साथ ही सभी विभाग रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने और कौशल विकास प्रशिक्षण देने के संबंध में रोडमैप भी तैयार करेंगे। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मिशन रोजगार की समीक्षा केलिए शासन स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा।