सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कानपुर समेत कई जगह लॉकडाउन में सरकारी बदइंतजामी से बुरा हाल है। सप्लाई चेन टूटने से दूध-ब्रेड तक के लिए हाहाकार मचा है। कानपुर में क्वारंटीन में श्रमिकों के लिए खाने का इंतजाम नहीं है। नतीजतन कई दिन से भूखे श्रमिक सड़कों पर निकल आए।
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अखिलेश ने जारी किए गए बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस टीम-11 का गठन किया है, उसकी सार्थकता नजर नहीं आ रही। जिम्मेदार लोगों को राहत कोष की पारदर्शिता की भी समीक्षा करनी चाहिए।
आजमगढ़ में क्वारंटीन सेंटर पर सैनिटाइजर, मास्क, साफ-सफाई की कमी ने कोरोना पीड़ितों का खतरा दोगुना कर दिया है। कानपुर के डॉक्टर को एंबुलेंस की अनुपलब्धता, हैलेट अस्पताल में स्ट्रेचर तथा अन्य चिकित्सकीय सहायता के अभाव में अपना बेटा खोना पड़ा।
अखिलेश यादव ने कहा कि कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक ने सत्ता के अहंकार में घर पर खाने के पैकेट तुरंत न भिजवाने पर दो दर्जन गुर्गों के साथ तहसीलदार पर हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री को आरोपी सांसद पर रासुका लगाना चाहिए।