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अमौसी एयरपोर्ट पर एनआरआई महिला यात्री से बदसुलूकी, विदेश मंत्री से मांगी मदद

Wed, 27 Jun 2018 09:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अमौसी हवाई अड्डा
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हवाई यात्रियों से बदसुलूकी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग रही। ताजा मामला राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का है। मंगलवार शाम को एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटर पर सिंगापुर जा रही एनआरआई महिला यात्री इतिशा और उनके पांच साल के बच्चे को सिंगापुर जाने से रोक दिया गया। इसको लेकर करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा चला।
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महिला के पति ने आव्रजन अधिकारी पर दुर्व्यवहार करने व धमकाने का आरोप लगाया है और इसकी शिकायत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्विट करके की है। मामले की शिकायत सिंगापुर भारतीय उच्चायोग में भी की गई है। वहीं आव्रजन अधिकारियों का कहना है कि पासपोर्ट क्षतिग्रस्त होने के कारण यात्रा से रोका गया।  

मूलरूप से इलाहाबाद की रहने वाली इतिशा पति तरुण लखानी के साथ सिंगापुर में रहती हैं। कुछ दिन पहले बेटे के साथ इलाहाबाद आई थीं। मंगलवार को उन्हें शाम 7.45 बजे टाइगर एयरवेज की फ्लाइट (टीजीडब्ल्यू-501) से उन्हें सिंगापुर जाना था। एयरपोर्ट पर आव्रजन काउंटर पर पासपोर्ट को लेकर उनकी कहा-सुनी हो गई। काफी देर तक चली कहासुनी के बाद भी जब उसे यात्रा की अनुमति नहीं मिली तो पति तरुण लखानी ने सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से शिकायत दर्ज कराई।
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उन्होंने इमिग्रेशन काउंटर पर तैनात अधिकारी पर आरोप लगाया है कि मेरी पत्नी-बच्चे को पासपोर्ट क्षतिग्रस्त होने की बात कहकर यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी। बदसुलूकी व दुर्व्यवहार किया और पत्नी को धमकाया। कहा कि अधिकारी ने पासपोर्ट सीज करने की धमकी दी, जिससे पत्नी घबरा गई। तरुण के मुताबिक, 2003 में इतिशा का पासपोर्ट लखनऊ से जारी हुआ था। दस साल बाद पासपोर्ट रिन्यू करवा गया और साल 2013 में सिंगापुर भारतीय उच्चायोग ने जांच-पड़ताल कर पुराना पासपोर्ट निरस्त कर नया जारी कर दिया था।

इसके बाद कई बार यात्राएं की, लेकिन कभी कोई दिक्कत नहीं आई। गौरतलब है कि बीते 9 अप्रैल को इंडिगो एयरलाइंस में यात्रा कर रहे डॉ. सौरभ से अभद्रता और बदसुलूकी का मामला सामने आया था। फ्लाइट में मच्छर की शिकायत होने पर उन्हें विमान से नीचे उतार दिया गया था।
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सुरक्षा से जुड़ा मामला बता कर पल्ला झाड़ने की कोशिश

वहीं दूसरी ओर इतिशा के पासपोर्ट मुद्दे से जुड़े मामले पर इमिग्रेशन से जुड़े एक बड़े अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट क्षतिग्रस्त होने के कारण महिला को यात्रा की अनुमति नहीं दी गई। यह सुरक्षा से जुड़ा मामला था। नियमों के अनुसार पासपोर्ट फटने, क्षतिग्रस्त होने या फिर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर यात्री को उड़ान की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उच्चायोग से नहीं मिली मदद, सुषमा स्वराज से उम्मीद
इतना ही नहीं तरुण लखानी ने आरोप लगाया है कि उन्हें विदेश मंत्रालय से कोई मदद नहीं मिली। पर, जब उन्होंने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग से शिकायत दर्ज कराई तो वहां से भी निराशा हाथ लगी। तरुण ने आरोप लगाया कि उच्चायोग ने मदद से इन्कार कर दिया है। अब उन्हें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद की उम्मीद है।
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