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Ayodhya: जनता को समर्पित की गई शीशे की भूल भुलैया, "मिरर इमेज" में जाकर ढूंढ़ना होगा माता सीता को

Wed, 25 Dec 2024 02:36 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

अयोध्या में बनी शीशे की भूल भुलैया को जनता को समर्पित कर दिया गया। इस मिरर इमेज में अध्यात्म के साथ रोमांच का भी अनुभव होगा।
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अयोध्या में बनाया गया मिरर इमेज। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के मौके पर योगी सरकार ने अयोध्या को एक और सौगात दी है। रामायण प्रसंग में शामिल माता सीता की खोज की थीम पर अयोध्या में मिरर इमेज (शीशे की भूल भुलैया) तैयार कराई गई है। इसका उद्घाटन बुधवार को महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त व नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने किया।

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राम पथ पर स्थित बेनीगंज जलकल कार्यालय में 1400 स्क्वायर फीट में 3.80 करोड़ की लागत से यह मिरर इमेज तैयार किया गया है। इसे आज जनता को समर्पित कर दिया गया। यह माता सीता की खोज की थीम पर आधारित है। अगर आप इसमें गुम हुए तो गाइड आपको गाइड करेंगे। आपको इस मिरर इमेज में घुसकर माता सीता की खोज करनी है। यहां शीशे की इमेज बनाई गई है। इसमें कई रास्ते हैं, जो शीशे के बनाए गए हैं। इसमें आप प्रवेश किए तो खुद की ही तस्वीर नजर आएगी और ऐसे में आपको माता सीता की खोज करनी है।

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खोज करते-करते आपको उसी रास्ते से बाहर निकल भी जाना है। दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र होगा। योगी सरकार ने रामनगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक दर्जन से अधिक योजनाएं संचालित की हैं। इसी क्रम में नगर निगम की पहल से पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए शीशे की भूल भुलैया को तैयार किया गया है।

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बनाए गए हैं शीशे के अलग-अलग चैंबर्स

महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत इसका निर्माण कराया गया है। इसके अंदर जाने के बाद बाहर निकलने का रास्ता खोजना होगा। इसके लिए शीशे के अलग-अलग चैंबर्स बनाए गए हैं। इस भूल भुलैया में एक साथ 20 लोग प्रवेश कर सकेंगे। इस भूल भुलैया में अध्यात्म के साथ रोमांच भी नजर आएगा।

इस भूल भुलैया में अधिकतम आठ से 10 मिनट तक श्रद्धालु रह सकते हैं। सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक यह खुला रहेगा। हर वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के मौके पर जनता के लिए यह मुफ्त खोला जाएगा। बाकी के दिन श्रद्धालुओं को टिकट लेने होंगे।

25 रुपये प्रति व्यक्ति और 10 वर्ष तक के बच्चे निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए 15 रुपये और विद्यालय समूह में बुकिंग के माध्यम से 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।
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