महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत इसका निर्माण कराया गया है। इसके अंदर जाने के बाद बाहर निकलने का रास्ता खोजना होगा। इसके लिए शीशे के अलग-अलग चैंबर्स बनाए गए हैं। इस भूल भुलैया में एक साथ 20 लोग प्रवेश कर सकेंगे। इस भूल भुलैया में अध्यात्म के साथ रोमांच भी नजर आएगा।
इस भूल भुलैया में अधिकतम आठ से 10 मिनट तक श्रद्धालु रह सकते हैं। सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक यह खुला रहेगा। हर वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के मौके पर जनता के लिए यह मुफ्त खोला जाएगा। बाकी के दिन श्रद्धालुओं को टिकट लेने होंगे।
25 रुपये प्रति व्यक्ति और 10 वर्ष तक के बच्चे निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए 15 रुपये और विद्यालय समूह में बुकिंग के माध्यम से 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।