प्रदेश सरकार अब अल्पसंख्यक विभाग की योजना से लोहिया ग्रामों की सूरत सुधारने जा रही है।
इसमें वही लोहिया ग्राम लिए जाएंगे जहां बजट के अभाव में अभी तक काम नहीं हो सके हैं।
पहले चरण में सरकार इन गांवों में सीसी रोड बनवाएगी। सरकार ने 48 जिलों के डीएम को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना के तहत लोहिया ग्राम के प्रस्ताव भेजें।
प्रदेश सरकार ने डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत काफी संख्या में गांव चिह्नित किए हैं। सरकार ने इतनी अधिक संख्या में गांव तो चयनित कर लिए, लेकिन बजट सीमित होने के कारण सबका विकास नहीं कर पा रही है।
इसे देखते हुए सरकार ने अब अल्पसंख्यक विभाग की मल्टी सेक्टोरल डवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसडीपी) का सहारा लिया है।
सरकार एमएसडीपी के जरिए लोहिया ग्राम की सूरत सुधारेगी। पहले चरण में गांव की सीसी रोड व नाली बनाई जाएगी। हालांकि इस योजना में उन्हीं लोहिया ग्रामों को लिया जाएगा जिनमें अल्पसंख्यक आबादी 25 से 50 प्रतिशत के बीच होगी।
साथ ही ऐसे गांवों को भी चिह्नित करने के लिए कहा गया है जिनमें अल्पसंख्यक आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। 48 जिलों के डीएम को एक सप्ताह के भीतर अपने यहां के प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। इसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
इन जिलों में चलेगी योजना
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, बाराबंकी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, बुलंदशहर, बागपत, सीतापुर, बदायूं, बस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, गाजीपुर, महराजगंज, पीलीभीत, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, फीरोजाबाद, हरदोई, उन्नाव, कन्नौज, इटावा, कानपुर नगर, जालौन, महोबा, फतेहपुर, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, संत रविदास नगर (भदोही), कासगंज, अमेठी, शामली, संभल व हापुड़।