हरदोई से लखनऊ इलाज के लिए भेजी गई दुष्कर्म पीड़ित तीन साल की बच्ची को एंबुलेंस में लिए उसके माता-पिता रात भर सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। पर, बगैर कोविड जांच और कोरोना को लेकर अस्पतालों के हालात का हवाला देकर उसे हर जगह टरकाया जाता रहा।
आखिर तड़के 4:30 बजे उसे लोहिया संस्थान में भर्ती कराया जा सका। यहां बच्ची की सर्जरी की गई। अपने ही ताऊ की हैवानियत का शिकार बच्ची की हालत नाजुक है। डॉक्टरों के मुताबिक अगले 24 घंटे उसके लिए अहम हैं।
हरदोई में बच्ची से उसके ही ताऊ ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे पहले वहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था।
मंगलवार रात बच्ची के पिता व मां एंबुलेंस से उसे लेकर केजीएमयू पहुंचे जहां बगैर कोविड जांच के भर्ती नहीं करने की बात कही गई। यही नहीं वहां कोरोना के भर्ती मरीजों का हवाला देकर भर्ती करने से टरका दिया गया। इसके बाद सिविल हॉस्पिटल, झलकारी बाई हॉस्पिटल से भी कोरोना का हवाला देकर लौटा दिया गया।