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मिल्कीपुर उपचुनाव: 65.35 फीसदी मतदान के साथ टूटे पिछले सारे रिकॉर्ड, वोटिंग के बाद सपा-भाजपा ने किए ये दावे

Wed, 05 Feb 2025 09:57 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या

सार

Milkipur by-election: मिल्कीपुर उपचुनाव वोटिंग प्रतिशत के मामले में ऐतिहासिक रहा। वर्ष 2022 में हुए अब तक के सर्वाधिक 60.44 प्रतिशत मतदान को पीछे छोड़ते हुए उपचुनाव में 65.35 फीसदी मतदान हुआ।
 
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मतदाताओं की लगी कतार - फोटो : अमर उजाला
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लोकतंत्र के महापर्व में बुधवार को मिल्कीपुर के उत्साही मतदाताओं ने रिकॉर्ड बना दिया। वोटों की बारिश कुछ इस तरह हुई कि विधानसभा क्षेत्र न सिर्फ प्रथम श्रेणी में पास हुआ बल्कि नया कीर्तिमान भी बना डाला। वर्ष 2022 में हुए अब तक के सर्वाधिक 60.44 प्रतिशत मतदान को पीछे छोड़ते हुए उपचुनाव में 65.35 फीसदी मतदान हुआ।

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मिल्कीपुर के विधायक अवधेश प्रसाद के अयोध्या (फैजाबाद) से सपा का सांसद चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त चल रही थी। उपचुनाव में सपा ने अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत तो भाजपा ने चंद्रभानु को मैदान में उतारा है। कुल दस प्रत्याशियों में मुख्य मुकाबला सपा व भाजपा में ही रहा।

बुधवार सुबह सात बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच सभी 414 बूथों पर मतदान शुरू हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी और मतदाता सूची की गड़बड़ी के कारण कुछ मतदान केंद्रों पर वोटरों को परेशान भी होना पड़ा। राजनीतिक दलों के आरोपों से इतर चुनाव शांतिपूर्ण रहा। कुछ जगहों पर नोक-झोंक जरूर देखने को मिली। इस सब के बीच सुबह से शुरू हुई वोटों की बारिश शाम तक जारी रही। सुबह नौ बजे मतदान प्रतिशत 13.34 फीसदी रहा तो शाम छह बजे यह 65.35 के नए रिकॉर्ड तक पहुंच गया। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक, कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी निरीक्षण करते रहे।

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भाजपा व सपा दोनों के उम्मीदवार जीत के प्रति आश्वस्त

वोट डालने के बाद स्याही का निशान दिखाती महिला मतदाता - फोटो : अमर उजाला
भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान और सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद दोनों ही मिल्कीपुर उपचुनाव में अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। परिवार के साथ अपना वोट डालने के बाद अजीत ने कहा कि प्रशासन की गड़बड़ी और भाजपा की गुंडई से अंतर भले कम हो जाए लेकिन जीत हमारी ही होगी। वहीं, चंद्रभानु केे अनुसार पराजय सामने देखकर समाजवादी पार्टी और उनके नेता मुंह छिपाने के बहाने ढूंढ रहे हैं।

सपा उम्मीदवार अजीत ने अपनी मां, बहन और पत्नी के साथ इनायत नगर के कंपोजिट विद्यालय में मतदान करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुबह मतदान शुरू होने के साथ ही बूथों से फोन आने लगे कि प्रशासन और पुलिस की मदद से भाजपा के लोग गडबड़ी कर रहे हैं। सपा के एजेंटों को भगाया जा रहा है। भाजपा के नेता व कार्यकर्ता पुलिस की मदद से बूथ लूट रहे हैं। चुनाव आयोग से इन गड़बड़ियों की शिकायत की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसे संज्ञान में लिया है।

दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी चंद्रभानु ने कहा कि उपचुनाव में हुआ रिकॉर्ड मतदान यह साफ बता रहा है कि मिल्कीपुर में बदलाव की बयार चल रही है। यहां के मतदाता लोकसभा चुनाव में सपा से अवधेश प्रसाद की जीत और अयोध्या के अपमान की व्यथा को मिटाने के लिए व्यग्र थे। इसीलिए उन्होंने बंपर वोटिंग की है। इसका नतीजा भी आठ फरवरी को सबके सामने होगा। मिल्कीपुर में पीएम मोदी व सीएम योगी के राष्ट्रवाद और विकास के एजेंडे की जीत के साथ सपा के तुष्टिकरण, जातिवाद और परिवारवाद की हार तय है।

पांच मिनट में ठीक कर दूंगा पर दी सफाई
सपा उम्मीदवार की ओर से घाटमपुर के ग्राम प्रधान संतोष सिंह को बूथ पर पहुंचकर पांच मिनट में ठीक कर देने की धमकी देने वाले वायरल हो रहे वीडियो पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि मेरे पास फोन आया कि घाटमपुर के बूथ पर भाजपा के एजेंट फर्जी मतदान करवा रहे हैं। इस सूचना पर जब पंहुचा तो बात सही निकली। तब मैने भाजपा के एजेंट से कहा कि वे बूथ के बाहर जाएं। जब आप पूरा वीडियो देखेंगे तो सच पता चल जाएगा।



 
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