लखनऊ। हजरत मीर सैयद हुसैन चिश्ती के 116वें सालाना उर्स का आगाज मीलाद की महफिल के साथ अकीदत के साथ हुआ। उलमा इकराम ने सूफिया इकराम की शिक्षाओं के मुताबिक जिंदगी गुजारने पर जोर दिया। दरगाह पर दिन भर जायरीनों की ओर से चादरपोशी और फातेहा पढ़ने का सिलसिला चलता रहा।
लाल बाग कंधारी लेन स्थित दरगाह पर आयोजित मीलाद की महफिल में कारी मुईनुद्दीन ने बारगाहे रिसालत में नाअत का नजराना पेश किया। महफिल को खिताब करते हुए हाफिज आदिल ने पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी और सीरत पर रोशनी डाली। महफिल में शायर नाजिम बरेलवी, सोहेल काकोरवी और आरिफ मेजर ने कलाम पेश किए। शाम को कुरानख्वानी और कुल की नूरानी महफिल हुई। रात में हजरत मख्दूम शाहमीना शाह की दरगाह के सज्जादानशीन शेख राशिद अली मीनाई की अध्यक्षता में महफिले समा सजी। इसमें कव्वाल रिजवान सिहालवी ने सूफियाना कलाम पेश किए।