लॉकडाउन के तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश में उद्योगों को शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद भी राजधानी के चिनहट, अमौसी और सीतापुर रोड स्थित निर्माण सेक्टर से जुड़ी इकाइयों में उत्पादन कम ही हो पा रहा है। निर्माण कार्यों (मैन्युफैक्चरिंग) से जुड़ी दो से सवा दो सौ छोटी-बड़ी इकाइयों में से 60 फीसदी में ही उत्पादन शुरू हो सका है, वह भी क्षमता से काफी कम।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त एमके चौरसिया का कहना है कि शहर छोड़ कर गए मजदूरों की जगह प्रवासी कामगारों को रोजगार देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए घर वापस आ रहे जिले के मजदूरों की स्किल मैपिंग कर उनकी योग्यता को परखा जा रहा है।
उन्हें क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद फैक्टरी संचालकों की मांग के अनुसार समायोजित करा दिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि मुख्य तौर पर फूड प्रोसेसिंग, आवश्यक सामग्री निर्माण, पैकेजिंग, कृषि, पशु आहार, साबुन, मास्क, पीपीई किट व सैनिटाइजर सहित दो दर्जन से अधिक निर्माण कार्य से जुड़ी इकाइयों को ही तय मानकों के पालन के शपथ पत्र के साथ चलाने की अनुमति है। इसमें आबादी इलाके की सामान्य निर्माण से जुड़ी इकाइयां शामिल नहीं हैं।