मिडलैंड अस्पताल के मैनेजर की हत्या
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खून बह रहा था, मां से कहा- मुझे बचा लो और बेहोश हो गया
भाई इंद्रजीत व मां मंगला ने बताया, विश्वजीत मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रहता था। अक्सर देर रात में आता था। इसलिए उसके पास घर के मेन गेट की एक चाबी भी रहती थी। मां के मुताबिक, रात में वह पहली मंजिल पर अपने कमरे में सो रही थी।करीब डेढ़ बजे दरवाजे पर दस्तक हुई। खोला तो विश्वजीत खून से लथपथ था। वह कमरे में आते ही गिर गया। उसने कहा कि मां मुझे माफ कर दो, मुझे बचा लो। इसके बाद वह बेहोश हो गया।