आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भी अब मिड-डे मील परोसा जाएगा। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण परिषदीय स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी एमडीएम की व्यवस्था कराएगा।
मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मध्याह्न भोजन प्राधिकरण प्रबंध कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस पर सहमति बन गई है। अंतिम निर्णय के लिए जल्द ही कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
प्रदेश में मौजूदा समय करीब 1.88 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने की व्यवस्था होती है। इन केंद्रों पर अभी तक हॉट एंड कुक्ड देने की व्यवस्था है।
इसे स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से बांटा जा रहा है। इसमें आए दिन गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसलिए सरकार की मंशा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को एमडीएम परोसा जाए।
इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव रखा गया जिस पर सहमति बन गई है।
मुख्य सचिव ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह विस्तृत प्रस्ताव उपलब्ध कराए जिसे कैबिनेट मंजूरी के लिए रखा जा सके। बैठक में एमडीएम बांटने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को सौंपने की सहमति बनी है।