ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक मेट्रो ट्रेन मार्च 2017 तक दौड़ने लगेगी। पर मुंशी पुलिया तक पूरा रूट शुरू होने में दिसंबर 2019 तक का समय लगेगा। लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) के प्रधान सलाहकार डॉ. ई. श्रीधरन ने बुधवार को बताया कि अगर कोई अड़चन नहीं आई तो 2019 तक नार्थ-साउथ कॉरिडोर पूरा हो जाएगा।
इसके अलावा अब चारबाग से बसंतकुंज तक के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को लेकर भी राज्य सरकार को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। डॉ. ई. श्रीधरन बुधवार को राजधानी में थे। यहां उन्होंने एक महीने बाद मेट्रो परियोजना की प्रगति को लेकर समीक्षा की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अंडरग्राउंड सेक्शन की कंसेप्चुअल डिजाइनिंग के लिए कंसलटेंट के तौर पर सिस्ट्रा को चुन लिया गया है।
अगले तीन महीने में सिस्ट्रा डिजाइनिंग करेगी। इस डिजाइनिंग के आधार सिविल डिजाइनिंग का दूसरा टेंडर किया जाएगा। पांच महीने की प्रक्रिया के बाद फरवरी-2016 में भूमिगत मेट्रो का काम शुरू होगा।
फरवरी-2016 से शुरू होगा अंडरग्राउंड सेक्शन का काम
उन्होंने बताया कि चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक 3.80 किलोमीटर भूमिगत निर्माण होगा। जिसके लिए करीब चार साल का समय लगेगा। इन्हीं चार साल के दौरान केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच भी काम होगा। दोनों काम मिला कर 2019 तक पूरा नार्थ-साउथ कॉरिडोर पूरा होगा।
मेट्रोमैन ई. श्रीधरन ने बताया कि चारबाग से बसंतकुंज के बीच बीच ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को लेकर अब काम शुरू किया जाना है। इसके लिए सबसे पहले राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
राज्य सरकार इसे स्वीकार करने के बाद अपने कैबिनेट से इसे पास करेगी। वहां से प्रस्ताव पास करने के बाद प्रोजेक्ट केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से पहले परियोजना को केंद्र सरकार सैद्धांतिक सहमति देगी। इसके बाद पीआईबी मंजूरी देगी, फिर निर्माण शुरू होगा।
ई. श्रीधरन ने बताया कि कुल 16 किलोमीटर के इस रूट में अधिकांश हिस्सा भूमिगत है। इसलिए यहां अधिक समय लगेगा। हालांकि फिलहाल ये नहीं बताया जा सकता है कि कितना समय लगेगा।
ये होंगे स्टेशन
चारबाग, लाटूश रोड, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी स्टेशन केजीएमयू, चौक (सभी अंडरग्राउंड) कोनेश्वर, निवाजगंज, बालागंज, दुबग्गा बसंतकुंज (सभी एलिवेटेड)