मेट्रो के ढांचागत निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के आसार हैं।
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए होने वाली हाई पावर कमेटी की अगली महत्वपूर्ण बैठक 29 अक्टूबर को होगी।
इस बैठक में एक टेंडर कमेटी का गठन कर दिया जाएगा।
इसमें मुख्य तौर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण के अभियंताओं को शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा 32 वीं वाहिनी पीएसी के लिए जितनी भूमि की आवश्यकता मेट्रो सेल को है, वह गृह विभाग से मिल जाएगी।
इसके अतिरक्त कुछ अन्य बड़े फैसले हाईपावर कमेटी की मीटिंग में लिए जाएंगे।
32 वीं वाहिनी पीएसी की जमीन के आवास विभाग को हस्तांतरण, यूटीलिटी ट्रांसफर को लेकर विभिन्न विभागों के सामंजस्य को लेकर नीति और अन्य अहम बिंदुओं को लेकर मेट्रो के लिए गठित हाईपावर कमेटी की मीटिंग का आयोजन किया जाएगा।
मेट्रो के लिए जो भूमि गृह विभाग के लिए छोड़ी जानी और जो ली जानी है, उसके खसरों और उनके क्षेत्रफल की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। यह रिपोर्ट जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए लेखपाल ने तैयार की है।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। मेट्रो सेल के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंडा मुख्य तौर पर 32 वीं वाहिनी पीएसी की भूमि के हस्तांतरण का होगा।
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वाहिनी की 45 एकड़ भूमि मेट्रो के लिए ली जानी है। जबकि 30 एकड़ भूमि पीएसी के पास ही रहेगी। यह भूमि हस्तांतरण गृह विभाग से आवास विकास को होगा।
इसके अतिरिक्त एक टेंडर कमेटी का गठन किया जाएगा। डीएमआरसी मेट्रो के शुरुआती कामों के लिए टेंडर ड्रॉफ्ट कर रही है।
इन टेंडर का परीक्षण करने के लिए एक तकनीकी समिति का गठन किया जाना है। इस समिति के गठन को भी इस मीटिंग में हरी झंडी दी जाएगी।
दरअसल मेट्रो सेल के पास अभी कोई तकनीकी समिति नहीं है। ऐसे में जो भी टेंडर जारी होंगे, उनके लिए कमेटी बनाना जरूरी होगा। 29 अक्तूबर को इन सारे मुद्दों पर फैसला संभव है।
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