मेट्रो के ट्रायल के साथ-साथ इसके कॉमर्शियल रन की तैयारियां भी एलएमआरसी ने तेज कर दी हैं। 26 सेवाओं को कनेक्ट करते मेट्रो के स्मार्ट कार्ड की बिक्री एक जनवरी से करने का फैसला लिया गया है।
कार्ड पर लाल रंग में रूमी गेट की छवि नजर आएगी। एलएमआरसी पहले चरण में 50 हजार कार्ड कार्डों की बिक्री करेगा। कार्ड तैयार करने और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को पूरा करने का काम चेक गणराज्य की कंपनी को दिया गया है।
मेट्रो के ट्रैवल कार्ड को ‘गो स्मार्ट ’ का नाम दिया गया है। इस कार्ड का इस्तेमाल 26 सेवाओं के लिए किया जा सकेगा। अभी तक सिटी बस सर्विस और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पार्किंग फीस को इससे जोड़ने के लिए एमओयू साइन किए जा चुके हैं।
कार्ड को रिचार्ज करने के लिए फरवरी महीने तक रिचार्ज मशीन भी स्टेशनों पर लग जाएंगीं। इसकेअलावा पैसेंजर सुविधा काउंटर्स पर भी इस कार्ड को टॉप अप कराया जा सकेगा।
दिसंबर के अंत तक इन मशीन की आपूर्ति लखनऊ मेट्रो को होने लगेगी। हर मेट्रो स्टेशन पर दो टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) भी लगाई जानी हैं। टीवीएम से भी स्मार्ट कार्ड रिचार्ज करने की सुविधा होगी।
सीएम की मौजूदगी में शुरु होगा ट्रायल
तैयारियों का जायजा लेते एलएमआरसी एमडी व अन्य अफसर
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अधिकारियों का कहना है कि एलीवेटेड रूट पर मेट्रो ट्रेन चलाने का फैसला मुख्यमंत्री के ऊपर निर्भर करेगा। अभी तक इसके लिए कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कुछ दिन टेस्ट ट्रैक पर चलने के बाद ही मेट्रो ट्रेन को एलीवेटिड रूट पर ले जाने का फैसला होगा। मेट्रो ट्रेन के ट्रायल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ट्रांसपोर्टनगर डिपो में हरी झंडी दिखाएंगे। उनका कार्यक्रम तय हो गया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बृहस्पतिवार को ट्रायल की तैयारियों का जायजा लिया। जगह का चुनाव कर लिया गया है, जिसे सीएम की सिक्योरिटी विंग की मंजूरी के बाद फाइनल किया जाएगा।
ट्रायल को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री अवध चौराहे पर लोगों को संबोधित कर सकते हैं। एमडी कुमार केशव ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से अभी अवध चौराहे पर भी एक कार्यक्रम रखने केनिर्देश दिए हैं।
तैयारियां भी शुरू करा दी गई हैं, लेकिन अंतिम रूप से कार्यक्रम आने के बाद ही कुछ फाइनल होगा। एलीवेटिड रूट पर एक दिसंबर को मेट्रो चलेगी या नहीं, यह ट्रायल से पहले ही फाइनल हो पाएगा।