यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानपुर व वाराणसी में मेट्रो चलाने के लिए तैयार डीपीआर का केंद्र स्तर पर अध्ययन किया जा रहा है। प्रदेश के पांच शहरों में मेट्रो चलाने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी। इसमें आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी व मेरठ शामिल हैं।
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सीएम केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के साथ प्रदेश में संचालित केन्द्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के बाद लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
सीएम ने कहा, लखनऊ में मध्य जून के बाद मेट्रो शुरू करने का प्रयास करेंगे। पूर्व सीएम ने हड़बड़ी में उद्घाटन तो कर दिया लेकिन अभी तीन ट्रेन ही आ पाई हैं जबकि इसे शुरू करने के लिए चार ट्रेनों की जरूरत है। एक और ट्रेन जून के मध्य तक आ जाएगी।
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इसी तरह दिल्ली से मेरठ के बीच करीब 32 हजार करोड़ की लागत से ‘रैपिड रेल’ शुरू करने संबंधी प्रकिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही राज्य स्तर से कार्रवाई पूरी करके केन्द्र को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
दिसम्बर-2017 तक खुले में शौच से मुक्त होंगे 30 जिले
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू
- फोटो : amar ujala
साफ-सफाई के मामले में केन्द्र सरकार के सर्वेक्षण में यूपी के पिछड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति में सुधार लाने की बात कही है। देश के शहरों में यूपी से सिर्फ वाराणसी को 32वीं रैंक मिलने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर-2017 तक सूबे के 30 जिलों को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) कर दिया जाएगा।
अक्टूबर-2018 तक प्रदेश के सभी शहरों को ओडीएफ करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इसके लिए शनिवार को एक सुनियोजित अभियान शुरू करेगी। इस पर नजर रखने के लिए प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर डीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा, स्वच्छता सर्वे रिपोर्ट में देश के सबसे गंदे 15 शहरों में यूपी के 9 शहर शामिल हैं, जो चिंता का विषय है। हालांकि, यह सर्वे पिछली सरकार के समय का है।
हमने प्रदेश के सभी शहरों में साफ-सफाई के लिए व्यापक अभियान चलाने की कार्ययोजना बनाई है। शनिवार को लखनऊ में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और रविवार को वह खुद आगरा में इसकी शुरुआत करेंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना में अगले साल छह लाख मकान बनेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना में यूपी के पिछड़ने का ठीकरा अखिलेश सरकार पर फोड़ा। कहा, पिछले दो वर्षों में यूपी ने सिर्फ 11 हजार मकान बनाने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा है लेकिन अब इसमें तेजी आएगी।
इस साल तक 1.5 लाख और अगले साल छह लाख मकान बनाने का लक्ष्य है। इस योजना में मकान लेने के लिए 29.22 लाख लोगों ने सीधे केन्द्र सरकार के पोर्टल पर आवेदन भेजा है। इसका परीक्षण कराया जाएगा।
योगी ने बताया कि सूबे के 10 महानगरों के लिए कूड़ा प्रबंधन की भी कार्ययोजना बनी है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। अमृत योजनाओं की प्रगति ठीक नहीं है, क्योंकि जल निगम ने गंभीरता से काम नहीं किया।
विशेषकर पेयजल आपूर्ति व सीवरेज से संबंधित योजनाओं की प्रगति खराब है। इसलिए कार्यदायी संस्था में बदलाव करते हुए यह काम जलकल विभाग व स्थानीय निकायों को देने पर विचार हो रहा है।
बिल्डरों पर नकेल कसने के लिए केन्द्र द्वारा 1 मई से लागू ‘रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट’ के तहत यूपी में ‘रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी’ (रेरा) के गठन को लेकर सीएम ने कहा, इस बाबत पहले तैयार प्रस्ताव में कुछ गड़बड़ी थी।
अत: उसे रद्द कर हम नए सिरे से प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। फिलहाल तात्कालिक तौर पर अपर मुख्य सचिव आवास को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जुलाई तक रेरा का गठन कर केन्द्रीय एक्ट के मुताबिक काम शुरू हो जाएगा।
बुलंदशहर की घटना की वजह आपसी विवाद
गत दिनों कथित तौर पर हिंदु युवा वाहिनी के लोगों द्वारा एक व्यक्ति को पीटने के मामले में पूछने पर सीएम ने कहा, कोई व्यक्ति किसी संगठन का नाम लेकर खुद को जोड़ेगा तो उससे सच्चाई नहीं छिपेगी। वह घटना आपसी विवाद का परिणाम थी।
सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा, पिछले डेढ़ महीने में कानून-व्यवस्था काफी सुधरी है।