मेट्रो रेल परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को सोमवार को यूपी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
इसके साथ ही भारत सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकिल्स ऑफ एसोसिएशन पर सहमति की कवायद का भी आगाज हो गया है।
कैबिनेट ने भविष्य में डीपीआर में किसी भी बदलाव के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अधिकृत किया है।
अमौसी से मुंशी पुलिया के बीच सबसे पहले 22.878 किलोमीटर मेट्रो का संचालन किया जाएगा। इसी साल दिसंबर में निर्माण कार्य शुरू होगा और दिसंबर 2016 में शहर में मेट्रो दौड़ाने की योजना है।
वर्ष 2011 में दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन की ओर से दी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बाद संशोधित रिपोर्ट 25 जुलाई को मेट्रो की हाईपावर कमेटी के समक्ष रखी गई थी।
इस बीच में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से भी अधिकारी बातचीत करते रहे। रेट ऑफ रिटर्न को लेकर कुछ बदलाव करने की बात केंद्र की ओर से कही गई थी, इसके मुताबिक बदलाव किए गए।
पहले यह लगभग सात प्रतिशत था, इसको अब आठ फीसदी किया गया है। इस परियोजना के संचालन और अनुरक्षण को कानूनी जामा पहनाने के लिए लखनऊ मेट्रोपोलिटिन एरिया में मेट्रो रेल के प्रस्तावित नियमों को मंजूरी के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है।
स्पेशल पर्पज व्हीकल लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) की स्थापना के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकिल्स ऑफ एसोसिएशन भी तैयार कर लिया गया है।
डीएमआरसी और राइट्स में से एक बनेगा कंसलटेंट
इस परियोजना के विस्तृत डिजाइन के लिए अंतरिम कंसलटेंट का चयन किया जाना है। इस संबंध में दो विशेषज्ञ संस्थाओं से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
एक गुड़गांव की राइट्स और दूसरी डीएमआरसी है। दोनों ही भारत सरकार के उपक्रम हैं। इस माह के अंत तक प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर अंतरिम कंसलटेंट का चयन कर लिया जाएगा।
टेक्नो-फिजीबिलिटी रिपोर्ट का हुआ वर्क आर्डर
डीएमआरसी को नार्थ साउथ और ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के अलावा वैकल्पिक कॉरिडोर जैसे मिल रोड, तुलसीदास मार्ग और सुभाष मार्ग (मवैया से राजाजीपुरम, नक्खास) के लिए वर्क ऑर्डर कर दिया गया है।
टेक्नो-फिजीबिलिटी रिपोर्ट मुख्य रूप से ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर, शहीद पथ से लगती 42 किलोमीटर लंबी रिंग लाइन, साढ़े तीन किलोमीटर के गोमती नगर मेट्रो लिंक और नार्थ साउथ कॉरिडोर से कनेक्ट होती हुई राजाजीपुरम रोड की एक लाइन होगी।
इस पूरी टेक्नो-फिजीबिलिटी रिपोर्ट को बनाने के लिए डीएमआरसी ने राज्य सरकार के समक्ष 2.80 करोड़ रुपए की डिमांड रखी है। नौ महीने में यह रिपोर्ट बना कर दे दी जाएगी।
यह लाइन मवइया से शुरू होकर मिल रोड, बुलाकी अड्डा रोड से नक्खास से सुभाष मार्ग को टच करेगी। फिलहाल इसके लिए 10.5 किलोमीटर का रूट तय किया गया है।
6757 करोड़ का होगा खर्च
कैबिनेट ने डीपीआर में उल्लेखित किए गए 6757 करोड़ रुपए के खर्च को अनुमति दे दी है। जिसमें भारत सरकार से भी मदद ली जाएगी। 2020 में प्रतिदिन 6.45 लाख यात्रियों के मेट्रो की सवारी करने की उम्मीद है।
पीक ऑवर, पीक डायरेक्शन ट्रैफिक (पीएचपीडीटी) वर्ष 2020 में करीब 20976 लोगों की होगी। मेट्रो रेल स्टैंडर्ड गेज पर चलेगी। एक गाड़ी की यात्री क्षमता 1574 यात्रियों की होगी।
शुरुआत में 7 से 14 मिनट के अंतराल पर गाड़ी मिलेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ यह 2 से 4 मिनट हो जाएगी। मेट्रो रेल की औसत रफ्तार 32 से 34 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
सुबह पांच से रात 12 बजे के बीच गाड़ी मिलती रहेगी। दिसंबर 2013 में काम शुरू कर दिया जाएगा। जबकि दिसंबर 2016 में काम खत्म होगा।