उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ विद्यालयों के विलय के विरोध में प्रदेश भर में सभी बीएसए कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के बाद 10 सूत्रीय मांग पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 150 से कम छात्र वाले प्राथमिक विद्यालय व 100 से संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए काफी प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया है। वहीं शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समाधान भी नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। वहीं माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) ने बैठक कर इस धरने का समर्थन किया है। संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष आरपी मिश्रा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों का विलय गलत है। माध्यमिक के शिक्षक भी धरने में शामिल होंगे।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को कहा है कि मैं हाईकोर्ट के फ़ैसले से हैरान हूं। संजय सिंह ने बयान जारी कर व एक्स पर लिखा कि क्या यही है ‘शिक्षा का अधिकार’? उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी। वह इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी। बता दें कि स्कूलों के विलय के विरोध में आप जिलों में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से स्कूलों के विलय मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्राथमिक स्कूलों के विलय के आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को सोमवार को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर यह फैसला सुनाया। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है।