सेवानिवृत्त हुए ड्राइवर इंगलेश को घर छोड़ने जाते सीनियर अफसर।
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40 साल तक उन्होंने साहब का इंतज़ार किया। फ्रंट सीट पर स्टीयरिंग संभाली। साहब के आने पर गेट खोला और उन्हें सम्मानपूर्वक बिठाया भी। हर आदेश का पालन किया। पर, रिटायरमेंट के बाद जब उनके अफसर ने उनके लिए गेट खोला, पीछे की सीट पर बिठाया और खुद स्टीयरिंग संभाली तो उनकी आंखें नम हो गईं। उन्हें घर तक छोड़ा और अभूतपूर्व सेवाओं के लिए साधुवाद दिया।
यहां बात हो रही पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल से सेवानिवृत्त हुए ड्राइवर इंगलेश और सीनियर डीएमई कैरिज एंड वैगन रणविजय प्रताप की। इंगलेश की विदाई को यादगार बनाने के लिए रणविजय प्रताप ने अनूठा प्रयास किया।
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इंगलेश पिछले 40 वर्षों से स्टाफ की कार चला रहे हैं। उनका रिटायरमेंट होने के बाद विदाई समारोह हुआ और उनकी सेवाओं के लिए उन्हें साधुवाद दिया गया।
इस मौके पर रणविजय प्रताप ने स्टाफ कार से ड्राइवर इंगलेश को उनके घर तक ड्राप किया। वहीं, इंगलेश ने नम आंखों से उन्हें धन्यवाद दिया। इंगलेश को इतनी शानदार विदाई की उम्मीद नहीं थी पर, अफसर रणविजय प्रताप ने उनका दिल जीत लिया।
बता दें कि रणविजय प्रताप को उनके मातहत काफी पसंद करते हैं। वह उन अफसरों में शुमार हैं, जो रेलकर्मियों के हितों को प्राथमिकता देते हैं।