खत्म नहीं हो रहा रैगिंग का खौफ
संस्थान में गठित एंटी रैगिंग टीम के बजाय सीधे यूजीसी में शिकायत से उठ रहे सवाल
केजीएमयू और डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छात्रों में रैगिंग का खौफ बरकरार है। हॉस्टल से क्लास में जाते और लौटते वक्त उनके चेहरों पर यह साफ दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं छात्रों ने यूजीसी की ऑनलाइन सेवा पर शिकायत भेजकर यह प्रमाण भी दिया है कि उन्हें संस्थान की एंटी रैगिंग टीम पर भरोसा नहीं है।
केजीएमयू व आरएमएल संस्थान में एंटी रैगिंग के नाम पर भारी भरकम टीम बनी हुई है। केजीएमयू में छात्रों को हॉस्टल से क्लास तक लाने और वापस ले जाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है। लेकिन हॉस्टल से निकलते ही वे रैगिंग के नियमों को फॉलो करते हैं। मसलन लाइन में लग जाना और सिर नीचे करके ही गुजरते हैं। यूनिवर्सिटी के एक विभागाध्यक्ष ने भी इस पर गौर किया और एंटी रैगिंग टीम के सदस्यों को मौखिक तौर पर अवगत भी कराया। इसी तरह डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एकेडमिक ब्लॉक से हॉस्टल लौटते वक्त छात्रों के चेहरे पर शिकन साफ दिख रही थी। ये छात्र भी सिर नीचे करके ही परिसर में गुजरते हैं। सवाल पूछने पर कहते हैं कि उन्हें बातचीत करने की इजाजत नहीं है।
दोनों संस्थानों में हो चुकी है ऑनलाइन शिकायत
केजीएमयू में पिछले साल ऑनलाइन शिकायत हुई थी। इस आरोप में छह सीनियर छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया था। बाद में उन पर जुर्माना भी लगाया गया था। इसी तरह पिछले सप्ताह लोहिया संस्थान के छात्रों ने यूजीसी में रैगिंग की शिकायत की है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि प्रथमदृष्ट्या विवाद का मामला सामने आया है। आरोपी छात्रों और उनके परिवारीजनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। मामले की जांच कमेटी कर रही है।
इस सत्र में नहीं मिली कोई शिकायत
छात्रों को सभी नंबर सार्वजनिक रूप से दिए गए हैं। मैं खुद उनसे बातचीत करता रहता हूं। यूजीसी का नंबर इसीलिए सार्वजनिक किया गया है ताकि बेझिझक छात्र समस्या बता सकें। केजीएमयू में इस सत्र में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। जो भी रैगिंग में पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसे परीक्षा में बैठने से भी रोका जा सकता है।
- प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्राक्टर केजीएमयू
संबंधित छात्रों को दी है चेतावनी
जूनियर छात्रों की शिकायत के आधार पर संबंधित छात्रों को चेतावनी दे दी गई है। पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है। किसी भी कीमत पर रैगिंग नहीं होने दी जाएगी। छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाया गया है।
- डॉ. विक्रम सिंह, मीडिया प्रभारी, लोहिया संस्थान