छात्रा के मुताबिक, रितेश ने इमरजेंसी जरूरत बताकर एक लाख रुपये उधार मांगे। छात्रा ने परिवारीजनों से बातचीत कर रकम का इंतजाम करवा दिया। कुछ दिन बाद रितेश ने रुपये छात्रा को लौटा दिए।
इसके बाद रितेश ने अपनापन दिखाकर इतना विश्वास गहरा कर लिया कि वह उसके पर्स से लेकर कमरों तक की सभी सामानों पर हक जताने लगा।
अक्सर उसका पर्स चेक करता, कभी क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करता तो कभी डिनर व लंच करता। उसका मोबाइल भी चेक करने लगा। शादी के झांसे में आई छात्रा ने उसका विरोध भी नहीं किया।
एसएसआई हजरतगंज के मुताबिक, छात्रा अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी मोबाइल में रखती थी। छात्रा का आरोप है कि रितेश ने उससे एटीएम, पेटीएम और क्रेडिट कार्ड के गोपनीय नंबर भी हासिल कर लिए।
छात्रा दो मोबाइल नंबर इस्तेमाल करती है। बैंक का ओटीपी जिस मोबाइल पर आता था। उसी का इस्तेमाल सबसे अधिक करती थी। छात्रा के मुताबिक, आरोपी रितेश ने धोखे से उसके मोबाइल नंबर को दूसरी कंपनी में पोर्ट करा दिया। जिस कंपनी में उसका सिम पोर्ट कराया था उसे अपने पास रख लिया।
छात्रा का आरोप है कि रितेश ने धोखे से उसके खाते से रकम निकाल ली। इसकी जानकारी नहीं हो सकी। क्योंकि जिस नंबर पर बैंक की डिटेल आती थी उसी नंबर को पोर्ट करा लिया। सिम अपने पास रख लिया।
रितेश ने 31 अक्तूबर से 10 दिसंबर के बीच एटीएम के जरिए 25 हजार व 20 हजार रुपये निकाल लिए। एक बार उसने छात्रा के पर्स से ढाई तोले की चेन भी चुरा ली। जानकारी होने पर उसने चेन लौटाने का वादा किया था। इसकी रिकॉर्डिंग भी छात्रा के पास है। छात्रा के मुताबिक, सिर्फ शादी के लिए उसने चुप्पी साध ली।
एसएसआई के मुताबिक, छात्रा ने दिसंबर में रितेश के घर इलाहाबाद फोन किया। फोन एक महिला ने उठाया और खुद को रितेश की पत्नी बताया। इस संबंध में जब रितेश से पूछताछ की तो उसने पहली पत्नी को तलाक देकर शादी करने का झांसा दे डाला। जब इसका विरोध किया तो रितेश ने छात्रा के पिता के मोबाइल पर दोनों की आपत्तिजनक तस्वीर व वीडियो भेज दिया। धमकी दी कि इन फोटो व वीडियो को सोशल साइट पर वायरल कर देगा।
छात्रा के मुताबिक, रितेश ने सारी हदें पार कर दी। इसकी शिकायत करने के लिए रितेश के पिता विनय उपाध्याय को कॉल की। बातचीत में रितेश के पिता ने छात्रा को बताया कि वह इलाहाबाद में एसपी सिटी हैं। उनका बेटा ऐसा ही करता है। परेशान होकर छात्रा ने हजरतगंज थाने में तहरीर दी। एसएसआई बीके मिश्रा ने बताया कि आरोपी रितेश का पिता एक सरकारी विभाग में क्लर्क है। इस मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।