यूपी में पुराने ही नहीं नए राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस पाठ्यक्रम इस सत्र से शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई है। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, फैजाबाद, फिरोजाबाद, बस्ती, बहराइच, शाहजहांपुर और गवर्नमेंट इंस्टीट़्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नोएडा है।
सभी में 100-100 सीटों पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी गई थी। बताया जा रहा है कि इन सभी मेडिकल कॉलेजों के भवन भी अभी पूरे नहीं बने हैं। इसके अलावा निजी क्षेत्र में खुल रहे नारायण मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, जौहर इंस्टीट़्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रामपुर ने 150-150 सीटों के लिए आवेदन किया था।
एमसीआई की संस्तुति के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन कॉलेजों में भी मौजूदा सत्र में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने की रोक लगा दी है।
इस पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक प्रो. के. के. गुप्ता का कहना है कि एमसीआई को प्रदेश सरकार की ओर से मानक काउंसलिंग शुरू होने तक मानक पूरे कर लेने के लिए एफिडेविट दिया गया था। इस फैसले से लगता है कि उसे माना नहीं गया है लेकिन हमारे पास सुप्रीम कोर्ट जाने का पूरा मौका है। क्योंकि हम मानक पूरे करने की प्रक्रिया में हैं। अभी रिजल्ट आया है। सेकेंड काउंसलिंग होने तक मानकों को पूराकर लिया जाएगा। उम्मीद है कि सभी 1990 सीटों पर प्रवेश लिए जाएंगे।