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छेड़खानी का आरोपी रेजीडेंट निलंबित

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लखनऊ। केजीएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग में भर्ती मरीज की 16 साल की बेटी से मंगलवार रात शराब के नशे में छेड़खानी करने वाले जूनियर रेजीडेंट डॉ. विजय कुमार अरोड़ा को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। उसे हॉस्टल से भी बाहर कर दिया गया है। गौतम बुद्ध हॉस्टल आवंटित कमरा नंबर 706 ई तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। वहीं उसके साथ मौजूद संविदा पर तैनात वार्ड ब्वॉय पंकज अवस्थी को भी हटा दिया गया है।
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गौरतलब है कि रेडियोथेरेपी विभाग के वार्ड में भर्ती कैंसर मरीज की बेटी को जूनियर रेजीडेंट ने मंगलवार रात दवा देने के बहाने कमरे में बुलाया। इसके बाद उसके साथ छेड़खानी करने लगा। किशोरी चीखती हुई बाहर निकली। अन्य महिला कर्मचारियों ने किसी तरह उसे बचाया और घटना का विरोध किया। दूसरे दिन मामले की जानकारी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों को दी गई।
विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव गुप्ता ने शुक्रवार देर शाम चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। इसमें स्वीकार किया कि जूनियर रेजीडेंट और वार्ड ब्वॉय शराब के नशे में धुत होकर आए थे। इन दोनों ने मरीज की बेटी के साथ अभद्रता की। यह भी अवगत कराया गया कि आरोपी रेजीडेंट व कर्मचारी पहले भी शराब के नशे में वार्ड में आते रहे हैं। पूरे मामले की जानकारी कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट को दी गई। कुलपति ने मामले की जांच कराने और आरोपी को निलंबित करने सहित अन्य कार्रवाई का आदेश दिया। इस पर चीफ प्रॉक्टर ने जेआर थ्री डॉ. विजय कुमार अरोड़ा को निलंबित कर दिया है। संविदा कर्मचारी को हटाने के साथ ही परिसर में उसके प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। उसे नियुक्त करने वाली एजेंसी लायलटेक मैनेजमेंट सर्विस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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मीडिया में आया मामला तो हरकत में आए जिम्मेदार
छेड़खानी का मामला मंगलवार को सामने आने के बाद भी जूनियर रेजीडेंट को विभाग के कुछ वरिष्ठ डॉक्टर बचाने की कोशिश में लगे रहे। यहां तक कि कर्मचारियों को भी मुंह पर ताला लगाए रखने की हिदायत दी गई। बुधवार को पूरा मामला अखबारों में छपा तो केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया। आननफानन विभागाध्यक्ष को नोटिस जारी किया गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा विभाग में गए और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। उन्होंने कुछ कर्मचारियों के बयान लिए। देर शाम विभागाध्यक्ष ने चीफ प्रॉक्टर को अपनी रिपोर्ट दी।
आरोपी 24 घंटे में जमा करे कमरे की चाबी
चीफ प्रॉक्टर ने छेड़खानी के आरोपी डॉ. विजय अरोड़ा को हॉस्टल से बाहर करने का नोटिस देर रात जारी किया। इसमें कहा गया है कि उनके कृत्यों की वजह से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है। इसलिए उन्हें गौतम बुद्ध हॉस्टल में रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। वह 24 घंटे के अंदर कमरे की चाबी प्रोवोस्ट कार्यालय में जमा कर दें। अन्यथा अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
सवाल : आखिर किसके इशारे पर की गई बचाने की कोशिश
आरोपी रेजीडेंट और वार्ड ब्वॉय पहले भी शराब के नशे में वार्ड में आते रहे हैं। यह बात शुक्रवार को खुद विभागाध्यक्ष ने अपनी रिपोर्ट में लिखी है। इतना ही नहीं विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी लिखित में यह जानकारी दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि केजीएमयू प्रशासन ने पहले संबंधित रेजीडेंट के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं किया? क्या छेड़खानी जैसी घटना होने का इंतजार किया जा रहा था? सवाल यह भी उठता है कि केजीएमयू में छोटी-छोटी घटनाओं को बड़ी घटना का रूप लेने का अवसर क्यों दिया जाता है?
जांच कमेटी सप्ताहभर में देगी रिपोर्ट
सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने बताया कि घटना के बाद से रेजीडेंट गायब है। उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी में डॉ. सुनीता तिवारी, डॉ. अनूप कुमार वर्मा, डॉ. वीके ओझा और डॉ. सुजाता देव को शामिल किया गया है। यह कमेटी सप्ताहभर में रिपोर्ट देगी।
सख्त कार्रवाई की जाएगी
इस मामले में रेजीडेंट को निलंबित कर दिया गया है। एजेंसी को तीन दिन के अंदर 25 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी वार्ड ब्वॉय किसी भी एजेंसी के जरिये केजीएमयू में काम नहीं कर पाएगा। इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-प्रो. आरएएस कुशवाहा, चीफ प्रॉक्टर, केजीएमयू
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