फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही पांच हजार छात्रों ने छोड़ी परीक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले ही पांच हजार छात्रों ने किया किनारा
विज्ञापन

पंजीकृत संख्या के सापेक्ष 5,258 कम छात्रों ने किया बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन
यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही पांच हजार से अधिक छात्रों ने इससे किनारा कर लिया है। गत वर्ष कक्षा नौ और 11 में पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष इस वर्ष कक्षा 10 और इंटर बोर्ड परीक्षा के लिए 5,258 कम छात्रों ने आवेदन किया है। विभाग का मानना है कि ज्यादातर ऐसे छात्र पंजीकृत हुए होंगे जो असल में संबंधित स्कूल में पढ़ते नहीं होंगे। बाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन करने का मौका नहीं मिला होगा।
गत वर्ष यूपी बोर्ड के कक्षा नौ और 11 में कुल 1,04,483 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से कक्षा नौ में 55,599 और कक्षा 11 में 48,884 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इस बार इनमें से कुल 99,225 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। कक्षा 10 में 53,800 और कक्षा 11 में 45,425 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इस लिहाज से 5,258 छात्र कम हो गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पांच सितंबर निर्धारित थी। अब कोई भी नया छात्र आवेदन नहीं कर सकता है। वेबसाइट लॉक कर दी गई है। विभाग यह मान रहा है कि इन छात्रों को आवेदन करने का मौका नहीं मिला होगा। विभाग की मानें तो ये छात्र संस्थागत स्कूल से नहीं होंगे। किसी तरह से पंजीकरण करा लिया होगा। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि गत वर्ष पंजीकरण के बाद सत्यापन कर स्क्रीनिंग की गई थी। इसी वजह से संदिग्ध छात्रों ने इस बार बोर्ड परीक्षा से पहले ही दूरी बना ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोर्ड परीक्षा में बढ़े 907 छात्र
गत बोर्ड परीक्षा के मुकाबले इस बार की बोर्ड परीक्षा के लिए 907 छात्र बढ़े हैं। कुल 99,225 संस्थागत छात्रों ने आवेदन किया है। जबकि 2,171 व्यक्तिगत छात्रों ने आवेदन किया है। कुल 1,01,396 छात्रों ने इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। जबकि गत वर्ष 1,00,489 छात्रों बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया था। गत बोर्ड परीक्षा में 113 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस बार भी परीक्षा केंद्रों की संख्या यही रहने की संभावना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें