यूपी के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 174 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव एमसीआई नहीं भेजा जा सका है। इस पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अनीता भटनागर जैन ने नाराजगी जताई है। उन्होंने 15 मार्च तक सभी मेडिकल कॉलेजों से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने छह मेडिकल कॉलेजों की 59 पीजी सीटों को अभी तक एमसीआई की मान्यता न मिलने पर भी चिंता जताई। बगैर मान्यता के पीजी करने के बाद भी डॉक्टर न तो प्रैक्टिस कर सकेंगे और न ही शैक्षणिक पद पर काम कर सकेंगे। उन्होंने तीन दिनों के भीतर इसका प्रस्ताव एमसीआई को भेजने के निर्देश दिए हैं।
जैन ने मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा के दौरान कहा, पीजी सीटों की बढ़ोतरी के लिए प्रत्येक प्रोफेसर के सापेक्ष दो के स्थान पर तीन सीट व प्रत्येक यूनिट हेड के एसोशिएट प्रोफेसर के सापेक्ष एक के स्थान पर दो सीट अब अनुमन्य हो सकती हैं। इस परिप्रेक्ष्य में 108 अतिरिक्त पीजी सीटों की गणना करने के बाद अग्रिम कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
पांच वर्षों की कार्ययोजना वर्षवार बनाकर देने को कहा
वहीं, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. वीएन त्रिपाठी ने सभी प्रधानाचार्यों को अपने-अपने मेडिकल कॉलेजों की आगामी पांच वर्ष की कार्ययोजना वर्षवार बनाकर एक माह में उपलब्ध कराने को कहा।
बस्ती, फिरोजाबाद, फैजाबाद, शाहजहांपुर व बहराइच के जिला अस्पतालों का उच्चीकरण होना है। उनके संबंध में नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। ये अधिकारी निर्माण एजेंसी के साथ बैठक कर निर्माण कार्य में तेजी लाएंगे। इन पांचों स्थानों पर 2018-19 के सत्र में शिक्षण प्रारंभ करना है।
नर्सों के वेतन भुगतान में विलंब पर नाराजगी
अपर मुख्य सचिव जैन ने दवाओं की उपलब्धता सही न होने और नर्सों के वेतन भुगतान में विलंब के लिए भी नाराजगी जताई। उन्होंने वित्त नियंत्रक को चेतावनी दी। साथ ही, पुनर्विनियोग का प्रस्ताव तीन दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कन्नौज मेडिकल कॉलेज के प्रभारी अधिकारी को भी न्यूनतम जानकारी भी न होने पर फटकार लगाई।
10 फरवरी तक की जाए चयन समिति की बैठक
मेडिकल कॉलेजों में जिन पदों पर पदोन्नति शेष है, उनकी चयन समिति की बैठक 10 फरवरी तक करने का निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक से कहा कि जून के बाद जितने भी पदों पर प्रोन्नति की जानी है, उनकी औपचारिकताएं अभी से पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरठ व कानपुर में बर्न यूनिट स्थापित करने में विलंब हो रहा है। भारत सरकार के साथ उसका एमओयू एक माह में अवश्य करा लिया जाए।