चिकित्सा शिक्षा, वित एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को कहा कि प्रदेश में वर्तमान में कोरोना संक्रमण से मरीजों की रिकवरी दर 94 प्रतिशत से अधिक है। जबकि मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 1.48 प्रतिशत से कम है। लेकिन यह समय और अधिक सावधानी रखने का है। सर्दियों के मौसम को देखते हुए सभी मेडिकल कालेजों में आवश्यक संसाधनों की तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री योजना भवन में मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से दिशा-निर्देश दे रहे थे।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नॉन कोविड चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायत आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि सभी मेडिकल कालेजों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अक्टूबर माह तक का वेतन भुगतान करके दीपावली से पहले रिपोर्ट शासन को भेजें। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने प्रधानाचार्यों से कहा कि एसजीपीजीआई से आयोजित वर्चुअल आईसीयू में जरूर प्रतिभाग करें। उन्होंने इस मामले में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर की लापरवाही पर कड़ी चेतावनी भी दी। साथ ही कहा कि सभी प्रधानाचार्य अपने मेडिकल कालेजों में एक एनेस्थीसिया व एक फीजीशियन की ड्यूटी लगाकर चार्ट बनाकर वर्चुअल आईसीयू में प्रतिभाग कराएं। समीक्षा बैठक में सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित गुप्ता, महानिदेशक डॉ.केके गुप्ता भी मौजूद थे।