अयोध्या विवाद में बुधवार को एक बार फिर अवध विवि के गेंदालाल दीक्षित वीआईपी गेस्ट हाउस में सुनवाई शुरू हुई। एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी मध्यस्थता कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस एफएम इब्राहिम कलीफुल्ला समेत सदस्य श्रीश्री रविशंकर, श्रीराम पांचू का पैनल के समक्ष बुधवार सुबह 10 बजे मामले से जुड़े पक्षकार, पैरोकार व उनके अधिवक्ता पहुंचे। मामले में 28 व 29 मार्च को भी सुनवाई होनी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने का एक अहम प्रयास जारी है। मध्यस्थता कमेटी के समक्ष मामले से जुड़े पक्षकार, पैरोकार व उनके अधिवक्ता बुधवार को पहुंचे। सुबह 10 बजे से शुरू हुई सुनवाई शाम 6 बजे तक चलती रही। सुनवाई में पक्षकार महंत धर्मदास, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास, मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी, हाजी महबूब, अधिवक्ता रणजीत लाल वर्मा, अधिवक्ता जफरयाब जिलानी, सखा रामलला त्रिलोकीनाथ पांडेय, सेंट्रल शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी सहित मामले से जुड़े अन्य लोग शामिल रहे।
सुनवाई को लेकर अवध विश्वविद्यालय के आईईटी कैंपस के आसपास सुरक्षा सख्त रही। मध्यस्थता की संपूर्ण प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कैमरे की निगरानी में हो रही है। अतिथि गृह को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां आने जाने वाले सभी मार्गों पर त्रिस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है, आसपास के इलाके में सीसीटीवी का जाल बिछाया गया है।